मरकजी कमेटी के अध्यक्ष मस्त हफीज रहमानी ने बताया कि जुलूस एकता और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। 50 साल से यह जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकाला जा रहा है।
जुलूस को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अंजुमनों को रूट आदि बता दिए गए हैं। जुलूस में पैदल के अलावा, वाहन, सजे-धजे घोड़े, ऊंट भी शामिल किए जाएंगे।
यह जुलूस लगभग 50 अंजुमनों के साथ उठाया जाएगा। यह जुलूस मरकजी कमेटी की कयादत में मोहल्ला कोट से कजियारा, शेखसरांय, मिरदही टोला, मुंशीगंज चौराहा, ईदगाह रोड, तरीनपुर, मन्नी चौराहा, होते हुए कोट के रास्ते कजियारा पर आकर एक बड़े जलसे में तब्दील हो जाएगा।
जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर पुराने शहर में जबरदस्त सजावट की गई है।