सीतापुर। शहर के एक गेस्ट हाउस में कृषि सखियों को प्रशिक्षण दिया गया। पांच विकास खंड की कृषि आजीविका सखियों को आधुनिक खेती के संग जैविक खेती करने की जानकारी दी गई। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के पांचवें दिन कृषि सखियों को जैविक खाद बनाने, इसका प्रयोग करने की विधि को बताया गया। कम लागत में अधिक उत्पादन का फॉर्मूला समझाया, जिससे वह किसानों की बेहतरी के लिए कार्य कर सकें।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से चयनित कृषि आजीविका सखियों को उद्यमिता विकास संस्थान की ओर से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंगलवार को डीआरपी वीके अवस्थी ने एलिया, पहला, परसेंडी, मिश्रिख और महोली ब्लॉक की कृषि सखियों को प्रशिक्षण दिया। उन्हें पोषण वाटिका में उगाने वाली फल और सब्जियों की जानकारी दी। किचन गार्डेन, बोरी बगीचा, फसल चक्र, जैविक कीटनाशक बनाने की विधि बताई।
पशुओं की नस्लों की जानकारी दिया, जिससे वह इससे होने वाले फायदों का लाभ उठा सके। मिट्टी की जांच कराने से बेहतर फसल उत्पादन के बारे में बताया। यह भी बताया गया कि कृषि सखियां भी मिट्टी का नमूना एकत्र कर इसकी जांच करा सकती हैं। वर्तमान में अभियान चलाया जा रहा है। मिट्टी की जांच से फसल चक्र अपनाने में सुविधा रहने के साथ ही फसलोत्पादन अधिक होता है।