लहरपुर (सीतापुर)। रावल अदेसर गांव के करीब रविवार को ग्रामीणों ने गन्ने के खेत में बाघ को देखने का दावा किया। इसके बाद वन विभाग ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
प्रभारी डीएफओ एवं वन्य जीव चिकित्सक के नेतृत्व में बाघ को रेस्क्यू करने में कोई सफलता नहीं मिली। लहरपुर वन रेंज के रावल अदेसर व निबौरी गांव के आसपास बाघ लगातार चहलकदमी कर रहा है। बाघ पहली बार चार अप्रैल को यहां दिखा था। इसके बाद लगातार पगचिह्न मिल रहे हैं। रविवार सुबह रामशरण के गन्ने के खेत में बाघ को टहलते हुए देखा गया।
वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग की कई टीमों ने बाघ को पकड़ने के रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। रेस्क्यू ऑपरेशन रावल अदेसर और निबौरी गांव के मध्य स्थित नाले के निकट किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि सुरक्षा के चलते किसी को ऑपरेशन स्थल पर नहीं जाने दिया जा रहा है। बाघ की तलाश में ड्रोन की सहायता भी ली जा रही है।