गोंदलामऊ इलाके के रघुनाथपुर एनी गांव में ग्रामीणों को एकजुट रहने की सलाह देते वन विभाग के अफसर। -
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औरंगाबाद (सीतापुर)। मिश्रिख इलाके में बाघ के पैरों के निशान दिखाई देने के बाद अब यह बाघ गोंदलामऊ इलाके में पहुंच गया है। दो दिन पहले वन विभाग ने इसे पिसावां होते हुए हरदोई जनपद पहुंच जाने की बात कही थी। लेकिन सोमवार को गोंदलामऊ इलाके में पैरों के निशान मिलने से वन विभाग का अनुमान गलत साबित हुआ है। इसकी सूचना से 10 से अधिक गांवों के लोग दहशत में आ गए है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कांबिंग शुरू कर दी है। ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है।
गोंदलामऊ विकासखंड के रघुनाथपुर एनी गांव में सोमवार की सुबह गांव के कुछ किसान अपने खेतों में काम कर रहे थे। किसानों को गांव के दक्षिण में खेत के पास वन्यजीव के पैरों के निशान दिखाई दिए। जिससे किसान डर गए, शोर मचाना शुरु कर दिया। इसके बाद तमाम ग्रामीण लाठी डंडा लेकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी।
वन विभाग की टीम खेतों में पहुंची। वहां पर बने निशान को देखा। इसकी वजह से बरेड़ा, करवामऊ, नहवाईया, असरफ नगर, सिद्दीकपुर व मीरापुर आदि गांवों के ग्रामीणों दहशत में आ गए है। यहां के बालक, नीरज, विनोद, दिनेश, मनोज ने बताया पगचिन्ह देखकर लग रहा था कि कुछ देर पहले ही यहां से बाघ निकला है। फारेस्टर मिश्रिख एसएन शुक्ला ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया गांव में जो पैरों के निशान मिले हैं, वह बाघ के ही हैं। इसके लिए कांबिंग शुरू कर दी गई है।