महोली (सीतापुर)। बरसहिया घाट में बाघ ने शुक्रवार को एक मवेशी को निवाला बनाया। बाघ के हमले से घबराए चरवाहे मौके से भाग निकले। इधर सूचना के तीन घंटे बाद भी मौके पर वन विभाग का कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा। इस पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई।
जहांसापुर निवासी संजीव शुक्ला व अन्य ग्रामीण अपने मवेशियों को लेकर नदी की तराई क्षेत्र के बरसहिया घाट पर चराने गए थे। इसी दौरान घाट के पास ही सीतारामपुर निवासी सुरेश यादव के गन्ने के खेत से बाघ निकला और संजीव शुक्ला के एक मवेशी को दबोच ले गया। बाघ मवेशी को गन्ने के खेत में खींच ले गया। यह देख चरवाहे शोर मचाते हुए गांव की तरफ भागे। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद एकजुट हुए ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर बरसहिया घाट पर भी पहुंच गए। संजीव शुक्ला का आरोप है कि तीन घंटे बीत जाने के बावजूद कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंच सका था।
काफी देर तक खेत में रहा बाघ
ग्रामीण रामकृष्ण, कमल दास व कल्लू यादव ने बताया कि शिकार करने के काफी देर बाद तक बाघ खेतों के अंदर ही मौजूद रहा। उनका मानना है कि अभी भी बाघ खेत के अंदर ही मौजूद है। मौके पर अगर समय से टीम पहुंच जाती तो शायद बाघ पकड़ा जा सकता था।
ठिकाना बदल रहा है बाघ
इस समय पूरे महोली इलाके में बाघ का खौफ है। वह रोज अपना ठिकाना बदल रहा है। कभी वह नहर के किनारे चहलकदमी करता है, तो कभी नदी की तराई क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है। ब्रह्मावली, श्यामजीरा समेत करीब दो दर्जन से अधिक गांव में बाघ की दहशत फैली हुई है। अब लोग खुद को झुंड में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सभी लोग झुंड में अपने मवेशियों को चरा रहे थे, तभी खेत से निकले बाघ को देख लोग हैरत में पड़ गए। समझ में नहीं आया कि क्या करें।
ठंडे बस्ते में कार्रवाई
विधायक के गांव ब्रह्वाली में बाघ ने जब अपनी आमद दर्ज कराई तो वन विभाग भी सक्रिय हो गया। उसको पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए। कई और जतन भी किए गए, लेकिन कोई सफलता न मिलने पर विभाग की सारी कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। बाघ अब तक नहीं पकड़ा गया है। धीरे-धीरे बाघ का क्षेत्र बढ़ रहा है। ऐसे में ग्रामीण काफी डरे हुए हैं।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम को रवाना कर दिया गया था, जो रात में रुककर गांव में कॉम्बिंग करेगी। गांव में ट्रैप कैमरे भी लगाए जाएंगे, ताकि बाघ को जल्द पकड़ा जा सके। वन क्षेत्राधिकारी सिकंदर सिंह