शुकुलपुरवा में भरा बाढ़ का पानी। - संवाद
सीतापुर। सरयू व शारदा नदियों में उफान से तराई क्षेत्र में बाढ़ के हालात बन गए हैं। सरयू खतरे के निशान से 50 सेमी, जबकि शारदा महज चार सेमी नीचे बह रही है। रामपुर मथुरा इलाके में तीन गांव बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 12 घरों के अंदर पानी भर गया है। पांच गांव पानी से घिर गए हैं। खेतों का कटान करती हुई लहरें आबादी की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। नागेश्वरपुरवा में चार घरों का कटान जारी है। तीनों बैराजों से बृहस्पतिवार को 4.42 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
रामपुर मथुरा प्रतिनिधि के अनुसार अंगरौरा में लगे मीटर गेज पर बृहस्पतिवार को सरयू का जलस्तर 118.50 मीटर दर्ज किया गया। 24 घंटों में 10 सेमी जलस्तर बढ़ गया। पानी खतरे के निशान 119 मीटर से 50 सेमी नीचे है।
तटवर्ती नागेश्वरपुरवा, बुचऊपुरवा और लोधनपुरवा गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन गांवों के करीब 10-12 घरों में पानी भर गया है। इसके अलावा निरंजनपुरवा, बख्शीपुरवा, प्यारेपुरवा, बाबाकुटी व अखरी गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
इन गांवों के लोगों को आवागमन के साथ ही रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागेश्वरपुरवा गांव में नदी तेजी से कटान कर रही है। नागेश्वरपुरवा के अरुण, अनिल, नागेश्वर व कल्लू के घरों का करीब आधा हिस्सा लहरें काट चुकी हैं। ये लोग अपनी गृहस्थी की सामान समेटकर पहले ही तटबंध पर शरण ले चुके हैं।
इसी गांव के सुंदर, बल्ला, गुड्डू के घर भी कटान के कगार पर पहुंच गए हैं। इनके घरों से नदी की दूरी महज 10- 15 मीटर ही बची है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समय नाव की संख्या बढ़ाने की जरूरत है, जिससे गृहस्थी का सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों ने हालात किसी भी समय बेकाबू होने की आशंका जताई है।