सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग के तीन शिक्षकों के शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रमाणपत्र जांच में फर्जी मिले हैं। तीनों शिक्षकों से एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा गया था। इसके बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इस पर बीएसए ने तीनों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। ये तीनों शिक्षक गैर जनपद के रहने वाले हैं।
मथुरा जनपद के वृंदावन की रहने वाली प्रीति यादव को एक जुलाई 2024 में कंपोजिट विद्यालय अहिबनपुर महमूदाबाद में सहायक अध्यापक पद पर तैनाती दी गई थी। इसके बाद अभिलेखों की जांच हुई। प्रीति के टीईटी के प्रमाणपत्र का ऑनलाइन सत्यापन नहीं हो सका। इसके बाद सत्यापन के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज को ऑफलाइन भेजा गया था। वहां से जांच रिपोर्ट में इसे फर्जी करार दिया गया।
कासगंज जनपद के ग्राम ढेला सराय निवासी वीरपाल सिंह को प्राथमिक विद्यालय रामपुर पिसावां में सहायक अध्यापक पद पर तैनाती मिली थी। हाथरस जनपद के ग्राम बिसावर निवासी प्रशांत कुमार को बेहटा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय गड़ौसा में तैनात किया गया था। इन दोनों शिक्षकों के टीईटी प्रमाणपत्र भी जांच में फर्जी मिले हैं। इस पर बीएसए ने तीनों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है।
12,460 शिक्षक भर्ती के तहत मिली थी तैनाती
12,460 शिक्षक भर्ती के तहत जिले में करीब 1,100 शिक्षकों की तैनाती की गई थी। अभिलेखों के सत्यापन में अब तक 30 शिक्षक फर्जी पाए गए हैं। इन सभी को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई हैं। अब बर्खास्त किए गए उक्त तीनों शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए बीएसए ने बीईओ को निर्देश दिए हैं।
इनसेट
जारी है अभिलेखों की जांचइस भर्ती के तहत अभिलेखों की जांच लगातार जारी है। अब तक करीब 800 शिक्षकों के अभिलेख जांचे जा चुके हैं। करीब 300 शिक्षकों के अभिलेखों की जांच होना बाकी है। इन सभी के प्रमाणपत्र जांच के लिए भेजे गए हैं। सत्यापन रिपोर्ट आने में करीब 15 दिन और लग सकते हैं। इससे जिले में फर्जी शिक्षकों की संख्या और बढ़ सकती है।