लहरपुर कोतवाली क्षेत्र में बुधवार सुबह एक जंगली सुअर ने गांव में जमकर उत्पात मचाया। उसके हमले में गांव के तीन लोग घायल हुए हैं। सूचना पर पुलिस के साथ वन विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे। घंटों आसपास के खेतों में कॉम्बिंग की गई लेकिन जंगली जानवर का पता नहीं चल सका। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नबी नगर निवासी लालजी (65) बुधवार सुबह घर में बैठा था। इसी दौरान एक जंगली सुअर उसके घर में घुस गया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते सुअर ने उसके ऊपर हमला बोल दिया। चीख सुनते ही पुत्र संजीव कुमार (35) वहां पहुंच गया।
संजीव ने पिता को बचाने का प्रयास किया, लेकिन जंगली जानवर ने उसे भी जख्मी कर दिया। शोर सुनकर गांव के लोग लाठी-डंडों से लैस होकर उसके घर की तरफ दौड़ पड़े। शोर सुनकर सुअर वहां से निकल भागा। रास्ते में चक मल्लापुर निवासी रेहान (35) खेत में काम कर रहा था। जंगली जानवर ने उसे भी जख्मी कर दिया।
ग्रामीणों के दौड़ाने पर सुअर वहां से भाग निकला। जंगली जानवर के हमले में तीनाें गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उधर, सूचना मिलते ही एसडीएम हरिश्चंद्र यादव, सीओ राहुल मिठास, रेंजर गंगादीन यादव टीम के साथ गांव पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया।
इसके बाद टीम ने आसपास के खेतों में कांबिंग की, लेकिन सुअर का पता नहीं चल सका है। पगचिह्नों के आधार पर वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शायद जानवर लखीमपुर खीरी के जंगलों से भटक कर यहां आ गया है। वह पानी की तलाश में भटक रहा है। इसीलिए आबादी का रुख कर रहा है।
वन विभाग ने ग्रामीणों को अकेले खेतों की तरफ न जाने की सलाह दी है। वहीं यह भी कहा कि अंधेरा होने पर खेतों की तरफ न जाएं। सुअर के हमले से तीन लोगों के घायल हो जाने पर पूरे क्षेत्र में दहशत है। लोग अपनी सुरक्षा के साथ परिवार के बच्चों व पालतू जानवरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।