जिले में डेंगू बेकाबू होता जा रहा है। अब एक महिला समेत तीन अन्य लोग डेंगू की चपेट में आ गए हैं। इससे डेंगू की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या 84 से बढ़कर 87 हो गई है।
जिम्मेदारों का हाल ये है कि वे आंकड़ों को छिपाने के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। जो महिला गंभीर है, उसे डेंगू वार्ड में रखने के बजाय पेइंग वार्ड में रखा गया है ताकि कोई यह न जान सके कि उसे डेंगू है। डॉक्टर ने महिला को लखनऊ रेफर कर दिया है।
शहर के मोहल्ला रानी कोठी निवासी राजेश तिवारी की पत्नी मिथलेश तिवारी (36) को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिवार ने उसे प्राइवेट चिकित्सकों को दिखाया। डॉक्टरों ने डेंगू होने का संदेह जताते हुए, उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल की पैथालॉजी में जांच होने पर डॉक्टरों ने मिथलेश को डेंगू की चपेट में आने की पुष्टि की। मिथलेश तिवारी को डेंगू वार्ड में न रखकर पेइंग वार्ड में रखा गया है। रामकोट थाना क्षेत्र के ग्राम चौबे नेवादा निवासी हरद्वारी (38) को भी एक सप्ताह से बुखार आ रहा है। परिवार ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां पर डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि हरद्वारी लाल को डेंगू हुआ है। इसी तरह से रामकोट थाना क्षेत्र के ग्राम हबीबपुर हाता कप्तान निवासी अजय कुमार तिवारी (55) भी डेंगू से पीड़ित हैं। उन्हें भी बीते एक सप्ताह से बुखार आ रहा है। प्राइवेट डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर किया। यहां पर डॉक्टरों ने डेंगू होने की पुष्टि की।