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तीन लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

Mon, 14 Nov 2016 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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- फोटो : अमर उजाला
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कार्तिक पूर्णिमा का पर्व सोमवार को जिले में परंपरागत ढंग से मनाया गया। इस दिन करीब तीन लाख श्रद्धालुओं ने चक्रतीर्थ व आदि गंगा गोमती में आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने दीपदान के बाद मां ललिता देवी का दर्शन पूजन कर पुण्य अर्जित किया। भोर से स्नान के बाद दर्शन पूजन का दौर देर शाम तक चलता रहा। गैर प्रांतों के श्रद्धालु भी पुण्य लाभ कमाने यहां पहुंचे।
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मान्यता है कि कार्तिक मास की पूर्णिमा पर पवित्र नदियों, तालाब व पोखरों में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं। इसलिए स्नान के बाद दर्शन पूजन की परंपरा चली आ रही है। नैमिष धाम के चक्रतीर्थ और आदि गंगा गोमती के तट पर स्नान का क्रम सुबह चार बजे ही शुरू हो गया था। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर जल में प्रवाह किया। इस दौरान महिलाओं ने तुलसी का पूजन कर आंवले का भोग लगाया।

बाद में भक्तों ने तीर्थ के प्रसिद्ध मन्दिर मां ललिता देवी, व्यास गद्दी, सूत गद्दी, हनुमान गढ़ी, कालीपीठ, देवपुरी, बाला जी मन्दिर, देवदेवेश्वर पहुंचकर दर्शन पूजन किया।  खैराबाद में भुइंया ताली तीर्थ में हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र भुंइया ताल में डुबकी लगाई। बाद में माता पूर्वी देवी की पूजा की। श्रद्धालु महिलाओं ने अति प्राचीन वट वृक्ष के नीचे पूजा कर सुख, समृद्धि का वरदान मांगा। वहीं, महमूदाबाद के संकटा देवी मंदिर पर भक्तों की भीड़ उमड़ी।
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भक्तों ने पाल्यो के मुंडन, अन्नप्रासन्न व धनतिया जैसे मांगलिक कार्यक्रम कराये। पुजारी पुरुषोत्तम मिश्र ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा धनतिया के लिए अत्यन्त शुभ तिथि मानी गई है। हरगांव। नगर के प्राचीन सूर्यकुंड तीर्थ में सोमवार को आस्था का सैलाब उमड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र कुंड में स्नान के बाद भगवान नीलकंठ व गौरी शंकर बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

सुबह से ही श्रद्धालु यहां आने लगे। कई श्रद्धालु दंडवत करते हुए पहुंचे। नगर में महाभारत काल का प्राचीन सूर्यकुंड तीर्थ है। यहां राजा हरिशचंद्र ने कुष्ठ रोग से मुक्ति के लिए कुंड में स्नान कर नीलकंठ भगवान का पूजन किया था, जिससे उन्हें रोग से मुक्ति मिली। तभी से तीर्थ की ख्याति फैल गई।
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