सीतापुर। सिधौली और मिश्रिख क्षेत्र के 103 गांवों के लोगों द्वारा शुरू किया गया तीन दिवसीय उपवास सत्याग्रह रविवार को समाप्त हो गया। तीसरे दिन एसडीएम सिधौली और एडीओ गोंदलामऊ उपवास स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता की।
अन्ना हजारे आंदोलन की सहयोगी रालेगण सिद्धि महाराष्ट्र से आईं कल्पना ईनामदार का उपवास अधिकारियों ने जूस पिलाकर समाप्त कराया। आयोजन मंडल के डॉ. ब्रज बिहारी ने बताया कि कुछ मुद्दों पर सार्थक वार्ता हुई है, जबकि शेष बिंदुओं पर 5 सदस्यीय टीम सोमवार को एसडीएम कार्यालय में वार्ता करेगी। बीडीओ, एपीओ और बीएमएम के साथ बैठक होगी।
उपवास स्थल पर राष्ट्रीय किसान मंच और इंडियन पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर दीक्षित ने कहा कि सरकार किसानों, मजदूरों और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर डाका डाल रही है। एक विधायक को प्रतिमाह 3 लाख वेतन-भत्ता दिया जा रहा है, जबकि पंचायत समूह, सखी समूह और शौचालय केयरटेकर को एक साल से मानदेय नहीं मिला है और पंचायत चुनाव भी नहीं कराए जा रहे।
प्रदेश प्रभारी मोहित मिश्रा ने कहा कि प्रचार पर अरबों खर्च करने वाली सरकार के पास महिला समूहों के लिए पैसा नहीं है। भारतेंदु मिश्र ने आरोप लगाया कि महिला सखियां बैंकों के चक्कर काट रही हैं। प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार बाबा ने कहा कि मनरेगा मजदूरों का मानदेय बकाया है। इस दौरान अमरीश कनौजिया, सुंदर सिंह, मुन्ना राजवंशी, रामस्वरूप राजवंशी सहित बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं मौजूद रहीं।