अपर सत्र न्यायाधीश राहुल कुमार कात्यायन ने गैर इरादतन हत्या के एक मामले में तीन सगे भाइयों को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 11-11 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश कुमार यादव ने की।
पिसावां के गड़ासा की रहने वाली फूलमती ने 19 मई 2014 को एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फूलमती के मुताबिक 11 मई 2014 की सुबह बच्चों की लड़ाई में गांव के ही गोल्हे, बहोरन, मदन व उनके पिता विष्णु अपनी छत पर आकर वादिनी को गालियां देने लगे।
जब पति जगदीश राठौर ने विरोध किया, तो गोल्हे ने जगदीश पर लाठी से प्रहार कर दिया, जिससे वह गर गए। बाद में इलाज के दौरान जिला चिकित्सालय में जगदीश की मृत्यु हो गई। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित किया।
सुनवाई के दौरान विष्णु की मौत हो जाने के चलते शेष तीन के विरुद्ध मुकदमा शुरू किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य को सच पाते हुए न्यायालय ने शेष तीनों को घटना का दोषी ठहराया। साथ ही उन पर दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।