सपा सरकार के चौथे बजट में सीतापुर जिले को कोई खास सौगात नहीं मिली थी। पिछले बजट साल में स्वीकृत परियोजनाओं में ही धनावंटन कर उन्हें आगे बढ़ाने की कवायदें चली थीं।
यहां मंजूर महिला डिग्री कॉलेज और मिनी ट्रामा सेंटर के लिए बजट आवंटित हुआ मगर दोनों ही प्रोजेक्टों को रफ्तार नहीं मिल सकी। अफसरों की सुस्ती से यह परियोजनाएं सुस्त गति से चल रही हैं।
यही नहीं बजट में किसानों के हितों के लिए मिली सौगातें बजट के अभाव में पूरी नहीं हो सकी हैं। सपा सरकार ने वर्ष 2014-15 के बजट में किसान हितों के लिए एग्री जंक्शन का ऐलान किया गया था।
इसके जरिए किसानों को एक छत के नीचे सेवाएं देने की योजना थी। सीतापुर जनपद के प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर एग्री जंक्शन खुलने थे, लेकिन बजट रिलीज न होने से योजना पर काम शुरू नहीं हो सका।
वही ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजनाओं के जिलों में लेखपालों को टैबलेट देने की योजना भी बजट में शामिल की गई थी, मगर इस योजना में भी धनराशि मिल नहीं पाई। यही हाल महिला हेल्पलाइन का है। बजट में घोषणा के बाद भी महिलाओं को इसकी सौगात मिल न सकी है।