सीतापुर। सीडीओ डॉ. दीक्षा जोशी को मंगलवार को जिला अस्पताल के निरीक्षण में हर कदम पर खामियां ही खामियां मिलीं। एक मरीज के हाथ में दर्द था, लापरवाही के चलते उसको पेट दर्द की दवा थमा दी। सीडीओ ने परचा देखा और बीमारी पूछी तो राज खुला। इस पर स्वास्थ्य कर्मी की जमकर लताड़ लगाई। गंदगी, सीसीटीवी बंद मिलने व गेट बंद होने पर सीएमएस को फटकार लगाते हुए दो दिन में व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के निर्देश दिए।
सीडीओ निरीक्षण कर रही थी। इस दौरान मरीज नीलम सिंह आई। सीडीओ ने उनसे हालचाल पूछा। नीलम ने बताया कि हाथ में दर्द था। इस पर उन्होंने दवा देखी तो उन्हें यह पेट दर्द की लगी। सीडीओ सीधे दवा काउंटर पर पहुंच गई। काउंटरकर्मी से बोली यह कौन सी दवा दी है तो उसने बताया कि परचा पर दवा स्पष्ट नहीं हो रही थी।
इस पर उसकी जमकर लताड़ लगाई। इसके बाद लहरपुर के शिवकुमार 12.30 बजे एक्सरे कक्ष से वापस आ रहे थे। सीडीओ ने पूछा एक्सरे हो गया तो वह बोले कि नहीं हुआ। एक्सरे कर्मी ने देरी होने की बात कहकर लौटा दिया। इस पर वह एक्सरे कक्ष पहुंची और पूछा अभी देर कहां हुई है। दो बजे तक ओपीडी चलती है। इस पर मरीज का एक्सरे हुआ।
इसके बाद रसोई घर पहुंची तो वहां पर कैमरा बंद मिला। अस्पताल में कई जगहों पर गंदगी फैली हुई थी। इमरजेंसी कक्ष के सामने मरीजों के बेड पड़े हुए थे। बहुत ही भीड़भाड़ थी। जन औषधि केंद्र के पास लगे चैनल में ताला पड़ा हुआ था। सीएमएस से कहा इस गेट को खुलवा दो भीड़ कम पड़ जाएगी।
इस पर सीएमएस ने चाभी मंगवाई लेकिन कर्मी चाभी नहीं ला सकें। सीडीओ ने इन कमियों को मिलने पर सीएमएस डॉ. इंद्र सिंह की जमकर फटकार लगाई। बोलीं- केवल एसी में ही बैठकर काम न करो। अस्पताल का निरीक्षण करो और मरीजों से बात करके उनको सुविधाएं दो।