सरकारी धन का गबन करने वाले तीन अफसरों पर कार्रवाई करने से विभाग कतरा रहे हैं। जांच में तीनों अफसर दोषी पाए गए, सीडीओ ने धन की रिकवरी, अनुशासनात्मक कार्रवाई व केस दर्ज कराने के निर्देश जारी किए, लेकिन एक माह बाद भी दोषी अफसरों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। मामला विकास खंड ऐलिया से जुड़ा है।
वर्ष 2014 में ब्लॉक ऐलिया के ग्राम ढकिया में क्षेत्र पंचायत की ओर से मनरेगा के तहत सोलिंग का कार्य कराया गया था। बैजन्ती के मकान से लक्ष्मनपुर तक कराए गए इस कार्य में बिना काम के 10,896 रुपये मजदूरी का भुगतान करा दिया गया।
ग्रामीणों की शिकायत पर उपायुक्त मनरेगा ने मामले में जांच के निर्देश जारी किए। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के अवर अभियंता नरेश कुमार गुप्ता को जांच सौंपी गई।
जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। इसके बाद शिकायत को सच करार देते हुए उपायुक्त मनरेगा को आख्या सौंप दी। जिसमें 10,896 रुपये मजदूरी भुगतान फर्जी तरीके से कराया जाने की बात कही गई है।
जांच आख्या के आधार पर सीडीओ एसके सिंह ने तत्कालीन बीडीओ, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) तथा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता से धनराशि की रिकवरी, अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ ही दोषियों पर केस दर्ज कराने के निर्देश तीनों विभागों के मुखिया को दिए।
विगत 13 जुलाई को जारी निर्देशों में सीडीओ ने तीनों अफसरों से धनराशि रिकवरी समानुपातिक रूप से करने की बात कही है। सीडीओ के निर्देशों के बावजूद दोषी अफसरों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।