सीतापुर। कोरोना वायरस के बढ़ते कहर के बीच एक अच्छी खबर है। जिले में अभी कम्यूनिटी स्प्रेड (सामुदायिक संक्रमण) का खतरा फिलहाल नहीं है। रेड जोन वाले प्रदेशों से आए प्रवासियों के गांवों में स्वास्थ्य महकमे की ओर से कराई गई पूल टेस्टिंग में सच सामने आया है।
कोरोना के प्रसार का फैलाव रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के बीच जिले में बड़ी संख्या में गैर राज्यों से प्रवासियों को लाया गया। इसमें रेड जोन वाले दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान समेत अन्य प्रदेशों से श्रमिकों के आने के बाद वायरस के फैलने की आशंका काफी बढ़ गई थी।
हर कोई डरा और सहमा था कि बाहर से आ रहे प्रवासी संक्रमित निकल रहे हैं और गांवों में पहुंचने के बाद इनके जरिए लोगों तक वायरस पहुंच सकता है। सरकार ने भी इस खतरे को महसूस किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए कम्यूनिटी स्प्रेड (सामुदायिक संक्रमण) फैलने का पता लगाने के लिए पूल टेस्टिंग कराने का आदेश दिया।
जिले के स्वास्थ्य विभाग ने ब्लॉक वार जिन गांवों में अधिक प्रवासी आए, वहां टीमें भेजकर 25 प्रवासियों और 25 गांव के स्वस्थ लोगों को चिह्नित कर उनका सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजा, इसमें ये पता लगाने की कोशिश की गई कि अगर प्रवासी संक्रमित हैं तो संक्रमण लोगों के बीच फैल तो नहीं रहा है?
लेकिन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद विभागीय अफसरों ने राहत की सांस ली। ये कार्रवाई जिले के आधे ब्लॉकों में कराई गई। फिलहाल पूल टेस्टिंग में सामुदायिक संक्रमण फैलने की बात सामने नहीं आई हैै। ये रिपोर्ट शासन को भेजकर हालात से रूबरू कराया गया है।
इन ब्लॉकों में कराई गई पूल टेस्टिंग
स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक जिले के परसेंडी, लहरपुर, तंबौर, हरगांव, ऐलिया, सांडा, कसमंडा, रेउसा, गोंदलामऊ आदि ब्लॉकों में पूल टेस्टिंग कराई है, लेकिन अभी तक टेस्टिंग में कम्यूनिटी स्प्रेड का मामला कहीं भी पकड़ में नहीं आया है।