भडौली मजरा लखनियापुर निवासी वेदप्रकाश के घर की पीछे की खिड़की तोड़कर बुधवार देर रात करीब 12 बजे पांच बदमाश भीतर घुसे। रुपये, जेवरात और कीमती सामान समेटकर सभी उसी खिड़की से भाग रहे थे। आहट पाकर वेदप्रकाश की नींद खुली तो उन्होंने शोर मचाया। इसपर सभी घर के पीछे गन्ने के खेत में छिप गए। मौके पर जुटे ग्रामीणों ने उन्हें खेत में ही घेर लिया। इसी बीच वेदप्रकाश ने एक बदमाश को पकड़ लिया। इस पर दूसरे बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली वेदप्रकाश के पेट और दूसरी हाथ में लगी।
यह देख ग्रामीणों ने पकड़े गए और फायरिंग करने वाले डकैत को लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। एक डकैत को उसके साथी छुड़ा ले गए। दूसरा बदमाश मौके पर ही बेहोश होकर गिर गया। उसके पास तमंचा और कारतूस भी बरामद हुआ। पुलिस घायल वेदप्रकाश और बदमाश को लेकर लहरपुर सीएचसी पहुंची। हालत गंभीर देखकर वेदप्रकाश को लखनऊ ट्राॅमा सेंटर और बदमाश को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन बदमाश ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने बताया कि बदमाश की पहचान लखीमपुर खीरी के धौरहरा गांव महाराजनगर निवासी अमीन नाई के रूप में हुई। उस पर 17 केस दर्ज हैं।
जीवनभर की कमाई पर डाका
पीड़ित परिवार की महिला राजरानी ने बताया कि घर में जेवर व अन्य कीमती सामान थे। बदमाश सारा सामान समेट ले गए। परिवार के जिन सदस्यों ने हिम्मत जुटाकर बदमाशों का सामना किया, उन्हें ही पुलिस थाने उठा ले गई। दबाव बनाकर मनमाफिक तहरीर ली।
कंटीले तार की थ्योरी में उलझी पुलिस
एसपी के मुताबिक वेदप्रकाश और बदमाश के बीच मारपीट हुई। इस दौरान वेदप्रकाश के पेट में कंटीले तार से जख्म हो गया। वहीं, चोर के सर में तारों के कारण ही चोट लग गई। इस सब के इतर मेडिकल रिपोर्ट में गहरी चोटों की पुष्टि हुई है। वेदप्रकाश के पेट में 7.2 x 1.1 सेंटीमीटर का जख्म है। पेट के बाएं हिस्से में गहरा जख्म है।
पल्हापुर सामूहिक हत्याकांड में भी पुलिस ने गढ़ी थी ऐसी ही कहानी
बड़े मामलों में मनमाफिक तहरीर लेने और गंभीर अपराध को भी सामान्य बनाने का खेल सीतापुर पुलिस पहले भी खेल चुकी है, जिसमें उसकी किरकिरी भी हुई है। कुछ इसी तरह पुलिस ने मई 2024 के चर्चित पल्हापुर सामूहिक हत्याकांड में भी किया था। साक्ष्यों को नकार एसपी ने तब थानाध्यक्ष की रिपोर्ट पर हत्या में नई कहानी गढ़ दी थी। मृतक अनुराग को ही आरोपी बता दिया था। यह भी कहा था कि अनुराग ने पत्नी, तीन मासूम बच्चों और मां की हत्याकर खुद ही आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अनुराग के सिर में दो गोली मारने की बात सामने आई तो आत्महत्या की थ्योरी गलत साबित हुई और पूरे प्रदेश में सीतापुर पुलिस की कारगुजारी पर सवाल उठे। इसके बाद डीजीपी ने खुद दखल दिया और आईजी रेंज तरुण गाबा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। पूरा मामला खुला। अनुराग के भाई की गिरफ्तारी हुई।
सूचना के आधे घंटे बाद पहुंची पुलिस
ग्रामीण प्रहलाद ने बताया कि घटना के बाद पुलिस को सूचित किया गया। करीब आधे घंटे बाद पुलिस गांव पहुंची। तब तक बदमाश गन्ने के खेत से होकर अंधेरा का फायदा उठाकर भाग गए। इसके बाद पीड़ित पक्ष के ही दो लोगों को थाने ले जाया गया, वहां उनसे चोरी की तहरीर ली गई।
संतराम क्या यहां फंसाने के लिए लाए थे...
ग्रामीणों के अनुसार भागने वाले बदमाशों में एक का नाम संतराम था। क्योंकि बेहोश होने से पहले बदमाश अमीन नाई चिल्ला-चिल्लाकर कह रहा था कि संतराम तुम हमको मरवाने के लिए लाए थे। मुझे बचा लो...। पुलिस के अनुसार बदमाश घर से एक जोड़ी पायल, झुमकी, मांगबेंदी, बिछुआ, नथुनी, हार, कपड़े व सात हजार नकदी ले गए हैं।
दो से तीन बदमाश चोरी करने आए थे। दो चोरों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। दोनों के बीच मारपीट हुई तो एक ग्रामीण को चोट लगी, वहीं एक चाेर भी घायल हुआ। उसकी मौत हो गई। फायरिंग नहीं हुई है। पीड़ित की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।
-प्रकाश कुमार, एएसपी उत्तरी
चोर घर से सामान चुरा कर वापस जा रहे थे। इसी दौरान ग्रामीणों व चोरों के बीच मारपीट हुई है। फायरिंग नहीं हुई है। मृतक के साथियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगा दी गईं हैं। -चक्रेश मिश्र, एसपी