सीतापुर। महोली के नरनी गांव के पास बाघिन के पकड़े जाने के बाद से वन विभाग के विशेषज्ञ शावकों को पकड़ने की कवायद में लगे हैं। सूत्रों के अनुसार करीब 48 घंटाें से शावक पिंजरे के पास नहीं आए हैं। ड्रोन से उनकी गतिवधियों पर नजर रखी जा रही है।
यह भी पता चला है कि शावकों में एक नर व दूसरा मादा है। उन्हें ट्रैंकुलाइज करना उनकी सेहत के लिए ठीक नहीं है। बाघिन के पकड़े जाने वाले खेत से शावकों ने अपना ठिकाना बदल लिया है। शावक एक जगह रुक भी नहीं रहे हैं।
वहीं, ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। नरनी गांव निवासी सुभाष ने बताया कि उन्होंने तीन बीघा फसल में धान बोया था। वन विभाग की टीम ने शावकों को पकड़ने के लिए ट्रैक्टर व जेसीबी चलाई। इससे उनकी फसल नष्ट हो गई।
ऐसा ही आरोप नरनी निवासी सत्यम दीक्षित ने लगाया है। उनकी गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है। डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि नरनी गांव के जिन किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं। सर्वे करवाकर उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। क्षेत्र में वन्यजीवों की तलाश की जा रही है।