रेउसा इलाके में तेज आंधी के बीच सड़क पर गिरा पेड़। - संवाद
सीतापुर। चार दिन से गांवों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। पांच दिन में दो बार आंधी व बारिश से आया फॉल्ट सही नहीं हो पा रहा है। आंधी में रविवार को करीब 1500 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। 40 से अधिक स्थानों पर पोल गिर गए। ट्रांसफार्मर में फॉल्ट आ गया। कई जगहों पर जंपर उड़ गए, तार भी टूट गए। बिजली विभाग की टीमें मरम्मत कार्य में जुट गई हैं।
रविवार दोपहर अचानक तेज धूप के बाद बदली छा गई। कुछ ही देर में आंधी व बारिश शुरू हो गई। हालांकि शहर में तो बारिश नहीं हुई, लेकिन आंधी जरूर आई। गांवों की बिजली आपूर्ति फिर से बेपटरी हो गई। तीन दिन पहले आई आंधी के चलते पूरे जिले की बिजली बहाल नहीं हो पाई थी। अब आंधी के बाद हालात और भी खराब हो गए हैं।
गांवों में तीन-चार दिन बाद भी आपूर्ति ठप चल रही है। रविवार को रेउसा, कुतुबनगर, हरगांव, रामपुर मथुरा, सिधौली, लहरपुर, तंबौर, पिसावां, मिश्रिख, रामगढ़ सहित अन्य इलाकों के करीब 1500 गांवों में बिजली ठप हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल बिजली विभाग से शिकायत की तो अफसरों ने बताया कि फॉल्ट तलाशा जा रहा है।
उपभोक्ता हर्ष व मुकेश ने बताया कि बिजली विभाग के कर्मचारी बहुत ही लापरवाही बरत रहे हैं। तीन दिन से गांव की आपूर्ति ठप चल रही है। सही नहीं किया जा रहा है। मोहित ने बताया कि बिजली के अभाव में खेत की सिंचाई नहीं हो पा रही है।
राकेश ने बताया कि शिकायत के बाद भी अफसर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। अफजल ने बताया कि कारखाना नहीं चल पा रहा है। इससे बहुत दिक्कतें आ रही हैं।