सीतापुर। नगर पालिका अध्यक्ष पद के दिलचस्प मुकाबले में जीत भले ही भाजपा प्रत्याशी नेहा अवस्थी को मिली हो, लेकिन हर जुबां पर नाम निर्दलीय प्रत्याशी नील कमल राठौर का है। दरअसल, सपा से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरीं पूर्व विधायक राकेश राठौर की पत्नी नीलकमल राठौर ने सपा का खेल खराब कर दिया।
रिक्शा चुनाव निशान लेकर मैदान में उतरीं नीलकमल को 12 हजार से अधिक वोट मिले, जबकि भाजपा और सपा प्रत्याशी में हार-जीत का अंतर महज 130 वोट का रहा। सधे शब्दों में कहें तो रिक्शे के ब्रेक से सीतापुर नगर पालिका में साइकिल की रफ्तार थम गई।
नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में राकेश राठौर की पत्नी नीलकमल राठौर सपा से टिकट की दावेदार थीं। उन्होंने नामांकन भी दाखिल किया था और पार्टी की ओर से उन्हें सिंबल भी दिया गया था।
सिंबल देने से पहले पार्टी ने उनके साथ खेल कर दिया। दरअसल, सपा ने पहले एक सिंबल रश्मि जायसवाल को भी दे दिया। नामांकन पत्र की जांच हुई, तो नौ मिनट के खेल में नीलकमल फेल हो गईं और वह सपा की उम्मीदवार नहीं बन सकीं।
इसके बाद राकेश राठौर ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए पत्नी को निर्दलीय ही मैदान में उतारने का निर्णय कर लिया। निर्दलीय होने के बाद भी नीलकमल राठौर को मुख्य मुकाबले में माना जा रहा था।
राजनीति के जानकार नीलकमल का चुनाव लड़ना कभी भाजपा, तो कभी सपा के लिए फायदेमंद मान रहे थे, लेकिन जब परिणाम आया, तो साफ हो गया कि नीलकमल के रिक्शे ने रश्मि की साइकिल पर ऐसा ब्रेक मारा कि साइकिल थमकर रह गई।
आम चर्चा यह भी है कि रश्मि जायसवाल के ससुर निवर्तमान अध्यक्ष और पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल ने टिकट के मामले में राकेश राठौर को पटकनी दे दी थी, लेकिन राकेश राठौर की चुनावी रणनीति ने राधेश्याम की साइकिल की हवा निकाल दी।
एक नजर प्रत्याशियों को मिले वोटों पर
प्रत्याशी पार्टी वोट
नेहा अवस्थी भाजपा 20,964
रश्मि जायसवाल सपा 20,834
नीलकमल राठौर निर्दलीय 12,229
श्रद्धा मिश्रा निर्दलीय 3,766
हरप्रीत कांग्रेस 1,802
शबनम बसपा 1,334
सुनीता आप 9,31
पूनम मिश्रा निर्दलीय 7,75
किश्वर निर्दलीय 3,61
पुष्पा देवी निर्दलीय 2,52
किरन निर्दलीय 1,79
राबिया खातून निर्दलीय 1,11
किरन वैश्य निर्दलीय 43
नोटा 291