सिधौली। कस्बे में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे नाले का निर्माण किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था ने हाईवे किनारे पटरी को बारिश से ठीक पहले खोद दिया। बारिश होते ही इन गड्ढों में पानी भर गया। ऐसे में एक ओर नाला निर्माण का कार्य तो ठप हो ही गया। वहीं लोगो के घर व दुकानों के आगे पानी भर गया। अब लोगों को लकड़ी का लट्ठा लगाकर सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है।
कस्बे से होकर नेशनल हाईवे गुजरता है। हाईवे के किनारे बड़े पैमाने पर लोगों के घर व मकान बने हैं। हाईवे के किनारे एक कंपनी द्वारा बारिश से ठीक पहले नाला निर्माण कार्य शुरू किया गया है। कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों ने सड़क के किनारे नाला निर्माण के उद्देश्य से हाईवे के दोनों ओर मिट्टी खोदाई कर 4-5 फीट गहरे गड्ढे बना दिए हैं। इधर बारिश शुरू हो जाने के कारण काम ठप हो गया है।
बारिश का पानी इन गड्ढों में भर गया है। सबसे खराब हाल गांधी विद्यालय इंटर काॅलेज के सामने स्थित टीचर्स काॅलोनी का है। यहां रहने वाले लोग घरों में कैद हो गए हैं। वहीं, दुकानदार दुकान खोलकर बैठे हैं लेकिन बिक्री नहीं हो रही है। लोगो को सड़क से एक लट्ठा टिकाकर इस तालाब को पार करना पड़ रहा है। टीचर्स कॉलोनी निवासी शिक्षक नवीन शर्मा ने बताया कि घर के ठीक सामने इतना गहरा तालाब है कि दरवाजा खोलते ही कोई भी घर का सदस्य इसमें गिर सकता है। अगर गलती से कोई मासूम इसमें गिर जाये तो वह डूब जाये।
ग्राहकों का बैंक पहुंचना हुआ दूभर
हाईवे पर ही इंडियन ओवरसीज बैंक की सिधौली शाखा है। ऐसे में बैंक आने वाले ग्राहकों को लकड़ी के पटरे पर चलकर बैंक तक आना पड़ रहा है। घर के साथ ही लगा एक बैंक का कार्यालय भी है जिसमें लोगों का आना जाना लगा रहता है। ऐसे में बैंक आने वाले ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बैंक के खाताधारक आकर्षित सिंह ने बताया कि इस तरह जान जोखिम में डालकर बैंक आने जाने से अच्छा पानी सूखने का इंतजार किया जाये। उन्होंने बताया कि कार्यदायी संस्था की अदूरदर्शिता के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो गई है।
किससे करें शिकायत, जिम्मेदार उदासीन
स्थानीय निवासी सुधीर अवस्थी ने बताया कि इन बड़े कार्यों को बेहतर प्लानिंग के साथ किया जाना चाहिए।जिससे किसी को असुविधा न हो और किसी की जान न जाने पाए। इन मामलों की शिकायत करने पर कोई सुनवाई भी नहीं होती है। जबकि बड़े पैमाने पर उच्चाधिकारी सिधौली कस्बे से होकर ही जिला मुख्यालय जाते हैं। वहीं, नूरूद्द्दीन सिद्दीकी ने बताया कि हाईवे किनारे जितने भी व्यवसायी हैं, इस निर्माण कार्य से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विवेक बरनवाल ने बताया कि घरों तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। अनूप शर्मा ने बताया कि हाईवे किनारे का फुटपाथ खुदा पड़ा होने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे पैदल व साइकिल से जाते समय हाईवे पर चल रहे हैं जिससे मार्ग दुर्घटना में यदि बच जाए तो किनारे बने तालाब भी उनकी जान ले सकते हैं।