सीतापुर। जिलाधिकारी ने शुक्रवार को करीब दो घंटे तक कलेक्ट्रेट परिसर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने संयुक्त दफ्तर के साथ विभिन्न अनुभागों के हर पटल पर जाकर दस्तावेजों का निरीक्षण कर उन्हें अपडेट करने के निर्देश दिए। इस दरम्यान प्रशासनिक अधिकारी समेत तीन कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। स्थापना बाबू सुधीर अग्रवाल को निर्देश दिए कि जो भी आकस्मिक अवकाश का आवेदन प्राप्त हो, उसे समय से उपस्थिति पंजिका पर दर्ज करते हुए सुरक्षित रखा जाए।
डीएम अभिषेक आनंद ने सुबह 11.58 बजे से दोपहर 1.50 बजे तक कलेक्ट्रेट का औचक मुआयना किया। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था व अभिलेखों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण करेंं। सीसीटीवी लगवाने के निर्देश दिए।
संयुक्त कार्यालय के पटलों का एक-एक करके निरीक्षण किया। विभिन्न पटलों पर तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका को देखा। उपस्थिति पंजिका पर कई कर्मचारी नदारद पाए गए। प्रशासनिक अधिकारी राम अवध वर्मा, न्याय पटल सहायक प्रमोद कुमार यादव, रिकॉर्ड रूम में संबद्ध रिषी शरण जायसवाल को डीएम ने अपनी कलम से अनुपस्थित किया। स्थापना बाबू सुधीर अग्रवाल को कड़े निर्देश दिए कि जो भी आकस्मिक अवकाश का आवेदन प्राप्त हो, उसे समय से उपस्थिति पंजिका पर दर्ज करते हुए सुरक्षित रखा जाए।
नजूल की जमीनों से हटाएं कब्जे
डीएम ने स्थानीय निकाय पटल का निरीक्षण किया। पत्रावलियों काे देखते हुए एडीएम नीतीश कुमार सिंह को निर्देश दिए कि नजूल से संबंधित सभी पत्रावलियों को स्कैन कराने के साथ डिजिटल कर दिया जाए। उन्होंने पूछा कि नजूल जमीनों पर कब्जा किसका है, लीज समाप्त हो गई हो तो सीतापुर व खैराबाद की सभी नजूल की जमीनों का सर्वे करा लिया जाए और कब्जा मुक्त रखा जाए। उन्होंने स्थानीय निकाय बाबू को गार्ड फाइल मेंटेन रखने के निर्देश दिए। शस्त्र अनुभाग में तीन शस्त्रधारी, दो शस्त्रधारी व सिंगल शस्त्रधारियों की संख्या की जानकारी ली। शिकायत पटल का निरीक्षण कर मानवाधिकार, एससी एसटी से संबंधित शिकायतों की पेंडेंसी की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि शिकायतों को समय से निस्तारित किया जाए। आईजीआरएस डिफाल्टर होने पर संबंधित के विरुद्ध स्पष्टीकरण जारी किया जाए।
आपदा राहत की पत्रावलियों में मिली गड़बड़ी
डीएम ने आपदा राहत अनुभाग की पत्रावलियों का पोर्टल से मिलान कराया। इस दौरान कई खामियां पाई गईं। 20 मार्च को एक व्यक्ति की डूबने से हुई मृत्यु की पत्रावली पर कार्रवाई लंबित पाई गई। इस पर डीएम ने एडीएम से जवाब मांगा। कहा कि इसकी जांच कराएं, जो भी दोषी पाया जाए, उस पर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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वादों का जवाब समय से न भेजा तो होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सीलिंग अनुभाग की पत्रावलियों का अवलोकन किया। सीलिंग वादों के पेंडेंसी की जानकारी ली। पटल सहायक से रिट पेंडेंसी की जानकारी लेते हुए हिदायती निर्देश दिए कि वादों के अपेक्षित जवाब समय से भेजे जाएं। किसी भी हाल में पर्सनल अपियरेंस नहीं लगनी चाहिए। काउंटर दाखिल करने की स्थिति न आए, यदि ऐसा हुआ तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व अभिलेखागार में मिली गड़बड़ी, दो जिम्मेदारों से मांगा जवाब
डाीएम को राजस्व अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान विभिन्न पत्रावलियां असुरक्षित तरीके रखी मिलीं। पत्रावलियों पर काफी धूल व गंदगी थी। पत्रावलियों के रखरखाव में लापरवाही बरतने पर रिकॉर्ड कीपर रामनरेश यादव व सहायक रिकॉर्ड कीपर ओम प्रकाश त्रिपाठी पर नाराजगी व्यक्त की। एडीएम को निर्देश दिए कि दोनों का कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा को लेकर संबंधित को सतर्क व सावधान करने के साथ सुरक्षा को बढ़ाए जाने व रात्रि ड्यूटी में सुरक्षा कर्मी को बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम नीतीश कुमार सिंह, एडीएम न्यायिक सुनील कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट कृष्णा नंद तिवारी, डिप्टी कलेक्टर राखी वर्मा, प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर प्रेम शंकर पांडेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।