सीतापुर। नेशनल हाईवे से 35 से अधिक गांवों को जोड़ने वाली सड़क खस्ताहाल है। कई जगह पर गड्ढे हो गए हैं। करीब साढ़े तीन साल पहले 66 लाख रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क फिर जर्जर हो गई है। छात्र-छात्राओं समेत 65 हजार से ज्यादा की आबादी काे सड़क पर गड्ढे होने से आवागमन में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। राहगीर क्षतिग्रस्त मार्ग पर हिचकोले खाने को मजबूर हैं। गड्ढों में साइकिल व बाइक फिसलने से अक्सर लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। वहीं, जिम्मेदार शिकायत के बाद भी समस्या की अनदेखी कर रहे हैं।
कसमंडा ब्लॉक में दिसंबर 2022 को कमलापुर-हमीरपुर संपर्क मार्ग की पुर्निमाण कराया गया था। लगभग 66 लाख रुपये की लागत से बनवाई गई यह सड़क तीन साल बाद ही उखड़ने लगी थी। वर्तमान में सड़क की ऊपरी परत कई जगह पर उखड़ गई है। तमाम स्थानों पर सड़क टूटने से गड्ढे हो गए हैं।
बम्हेरा के दुर्गेश सिंह ने बताया कि करीब सवा चार किलोमीटर लंबाई वाली यह सड़क हमीरपुर, मलेली, पतारा कला, नयागांव, बम्हेरा समेत 35 से अधिक गांवों को नेशनल हाईवे से जोड़ती है। इन गांवों के छात्र-छात्राएं स्कूल-कॉलेज जाने के लिए इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। लगभग 65 हजार की आबादी थाना, बैंक, अस्पताल, ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय आने-जाने के लिए इसी सड़क पर आवागमन करते हैं।
सड़क बदहाल होने से लोगों को हिचकोले खाते हुए आवागमन करना पड़ रहा है। गड्ढों की वजह से हादसे का जोखिम भी बना रहता है। किसान नेता धीरज सिंह, पंकज, विवेक, अमर, एसपी सिंह आदि ने जर्जर सड़क बनाने की मांग उठाई है।
नागेश्वर नाथ धाम जाने वाले श्रद्धालु भी होते परेशान
कमलापुर से लगभग एक किलोमीटर दूर प्रसिद्ध नागेश्वर नाथ धाम है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने आते हैं। हर साल नवंबर-दिसंबर में रूद्र महायज्ञ होती है। सावन भर अखंड रामायण पाठ चलता है। यज्ञ समिति के जय कृझय पांडेय ने बताया कि हमीरपुर संपर्क मार्ग जर्जर होने से श्रद्धालुओं को नागेश्वर नाथ धाम आने-जाने में दिक्कतें उठानी पड़ती हैं।