रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू का पानी पिछले 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर घटा है। शनिवार को जलस्तर 117.40 मीटर दर्ज किया गया। खतरे के निशान 119 मीटर से पानी 1.60 मीटर नीचे बह रहा है। संभावित बाढ़ को लेकर तटवर्ती गांवों में हलचल बनी हुई है।
हालांकि तटवर्ती गांवों के लोगों को अस्थाई राहत जरूर मिली है, लेकिन बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के कारण बाढ़ का खतरा टलता नजर नहीं आ रहा है। गांजरवासियों की बेचैनी कम नहीं हो रही है। गिरिजापुरी बैराजों से शनिवार को 1.11 लाख क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है।
जिले के गांजर इलाके में होकर बहने वाली सरयू के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले दो दिनों से जलस्तर में इजाफे के कारण तटवर्ती अखरी, अंगरौरा, शंकरपुरवा, बाबाकुटी, निरंजन पुरवा, प्यारे पुरवा, मिश्रण पुरवा, सोती पुरवा तथा बलेसर पुरवा आदि गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा था। शनिवार को 20 सेमी घटने से जलस्तर 117.40 मीटर दर्ज किया गया। इससे तराई क्षेत्र के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि इस बार नदी का मिजाज समझ में नहीं आ रहा है। इससे चिंता कम नहीं हो रही है। उधर, बैराजों से छोड़ा जाने वाला पानी भी परेशानी बढ़ाने का काम कर रहा है।
अपने दायरे में बह रही नदी
सरयू का जलस्तर अब तक इतना अधिक नहीं पहुंचा है कि बाढ़ जैसे हालात बनें। नदी अपने दायरे में बह रही है। इसके बाद भी हम सभी व पूरी टीम निरंतर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। लगातार निगाह रखी जा रही है।
- अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद