सिधौली (सीतापुर)। सिधौली सीएचसी में एक गर्भवती को नर्स ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। पीड़िता कराहती हुई अस्पताल के बाहर आ गई। दर्द बढ़ने पर अस्पताल के गेट पर ही एक बच्चे को जन्म दे दिया। इससे अस्पताल में हड़कंप मच गया। आननफानन में उसे भर्ती किया गया। स्वास्थ्य विभाग अब इस मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कह रहा है।
गुरुवार सुबह बनौगा निवासी सुधा (22) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सीएचसी लेकर गए थे। परिजनों का कहना है कि लेबर रूम में तैनात स्टॉफ नर्स पूर्व में जांच न कराए जाने को लेकर आक्रोशित हो गई। यह कहकर वापस कर दिया कि पहले जांच करवाओ। जब परिजन गर्भवती को वापस लिए जा रहे थे।
इस दौरान प्रसव पीड़ा तेज हो गई। परिजन दौड़ कर अस्पताल के अंदर गए, मदद मांगी। पर स्वास्थ्य कर्मियों ने उनकी एक भी न सुनी। महिला ने सीएचसी के गेट पर एक बच्चे को जन्म दे दिया। इससे अस्पताल में हड़कंप मच गया। आननफानन में उसे सीएचसी में भर्ती किया गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
लापरवाही पर दिया गया नोटिस
डिलीवरी से संबंधित स्टॉफ की नोडल अधिकारी मैटरनिटी विंग डॉ. अमिता त्रिपाठी, डॉ. अश्वनी वर्मा, आकस्मिक चिकित्सक डॉ. उषा मिश्रा, इंचार्ज स्टाफ नर्स ललिता यादव, नाइट ड्यूटी स्टाफ नर्स रागिनी मिश्रा, मॉर्निंग स्टाफ नर्स को नोटिस दिया गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. आरसी चौधरी, सीएचसी अधीक्षक
दाई व आशा बहू ने कराया प्रसव
सुबह करीब पांच बजे एंबुलेंस से पीड़िता को अस्पताल लाया गया था। पीड़िता दर्द से कराह रही थी। उसी दौरान अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र शाही अस्पताल आ गए।
उन्होंने इस घटना को देखकर स्टॉफ नर्स को बुलाया। फिर भी अस्पताल के अंदर से कोई नहीं आया। यहां पर दाई का काम कर रही गुड़िया व आशा बहू राजकुमारी ने प्रसव कराया। डॉ. सुरेंद्र शाही ने बताया इस घटना में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही प्रतीत हुई है। कार्रवाई की जाएगी।