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Sitapur News: रौद्र नामक नव संवत्सर का बनिया के घर है वास

Fri, 06 Mar 2026 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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नैमिषारण्य (सीतापुर)। हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का प्रारंभ 19 मार्च से होगा। इस बार नव संवत्सर का नाम ‘रौद्र’ है। नव संवत्सर के राजा गुरु (बृहस्पति) और मंत्री मंगल हैं। आचार्यों के अनुसार यह संवत्सर अपने नाम के अनुरूप कई बड़े और अप्रत्याशित परिवर्तनों का संकेत देता है। इस वर्ष संवत्सर का वास बनिया के घर तथा वाहन नौका बताया गया है।
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आचार्यों के अनुसार सूर्य के प्रभाव से इस वर्ष तापमान में असामान्य वृद्धि हो सकती है। वर्ष में परिवर्तन, संघर्ष और आध्यात्मिक उन्नति के संकेत भी मिलते हैं।
नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ प्रांगण में होली के दिन सायंकाल आचार्य रमेश चंद्र शास्त्री तथा मां ललिता देवी मंदिर में आचार्य सदानंद द्विवेदी ने नव संवत्सर के अनुसार राशियों पर प्रभाव और वर्ष का फलादेश बताया।
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आचार्यों ने बताया कि इस वर्ष शनि की ढैया सिंह और धनु राशि पर रहेगी। वहीं मेष राशि की चौथी, धनु राशि की आठवीं और सिंह राशि की बारहवीं में बृहस्पति का प्रभाव अनुकूल नहीं रहेगा। इस वर्ष वृष और मीन राशि वालों के लिए षडाष्टक योग बनेगा।
इसके अलावा शनि का प्रभाव मेष राशि के सिर पर, कुंभ राशि के पैरों पर और मकर राशि के पेट पर बताया गया है। आचार्यों के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ मास में अधिक मास का संयोग भी बनेगा।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष कोई भी ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए इसका प्रभाव देशवासियों पर नहीं माना जाएगा। 15 जुलाई को गुरु अस्त होकर 10 अगस्त को उदय होंगे, जबकि शुक्र 13 अक्तूबर को अस्त होकर 28 अक्तूबर को उदय होंगे।
इस वर्ष तीन सोमवती अमावस्या का योग भी बनेगा। पहली अधिक ज्येष्ठ मास में, दूसरी कार्तिक मास में और तीसरी फाल्गुन मास में पड़ेगी।



अबीर-गुलाल से भूतेश्वरनाथ का हुआ श्रृंगार
नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ स्थित भूतेश्वरनाथ मंदिर में महंत व प्रधान पुजारी राजनारायण पांडेय ने अबीर-गुलाल से भगवान का आकर्षक श्रृंगार किया। श्रृंगार के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा भूतेश्वरनाथ के दर्शन कर पूजन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
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