सीतापुर। गांजरी क्षेत्र के ब्लाक रेउसा के ऑर्गेनिक विलेज सिकौहा की ओर से देसी बीजों का संरक्षण किया जा रहा है। इसके लिए देसी बीज बैंक संचालित है। इसके संचालन से जुड़े किसान प्रदेश के साथ देश के अन्य राज्यों में भी देसी बीच पहुंचा रहे हैं। प्रदेश में होने वाले विभिन्न आयोजनों में इन बीजों का प्रदर्शन कर एक-एक मुट्ठी देसी बीज निशुल्क देकर देसी बीजों की शृंखला बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
सिकौहा के प्रगतिशील किसान श्वेतांक त्रिपाठी राजस्थान के कोटा में देसी बीजों का स्टॉल लगाकर यहां आए लोगों को इसकी उपयोगिता बताने के साथ एक मुट्ठी बीज निशुल्क वितरित कर रहे हैं। इसी तरह वह मध्य प्रदेश, हरियाणा, लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, श्रावस्ती के गिलौला, लखीमपुर, वाराणसी व उन्नाव आदि शहरों में भी देसी बीजों का वितरण किया जा चुका है।
दो प्रदेशों के किसानों ने जाना महत्व
भारतीय किसान संघ की ओर से प्रयागराज के फूलपुर में 11 से 14 नवंबर तक गो आधारित जैविक कृषि कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग का अयोजन किया गया। इसमें सीतापुर के रेउसा ब्लॉक के आर्गेनिक विलेज सिकौहा के प्रगतिशील किसान श्रीकांत त्रिपाठी, श्वेतांक और इंजीनियर प्रशांत त्रिपाठी ने प्रतिभाग किया। इनकी ओर से देसी बीजों और इसके उत्पादों का स्टॉल लगाया गया। दे
सी बीज की प्रजातियों का संरक्षण करने के लिए इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए इंजीनियर प्रशांत त्रिपाठी ने उत्तराखंड और यूपी के प्रतिभागी किसानों को देसी गेहूं का एक-एक मुट्ठी बीज निशुल्क दिया। अपील की कि वह इसे अपने खेत में बोकर बीज तैयार करें और अन्य किसानों को भी उपलब्ध कराएं।