सीतापुर। शहर के ऐतिहासिक रंपा महल को सोमवार को प्रशासन ने खाली करवाकर अपने कब्जे में ले लिया। डीएम डॉ राजा गणपति आर के निर्देश पर तहसीलदार सदर डॉ अतुल सेन की अगुवाई में राजस्व टीम ने रंपा महल को अवैध कब्जेदारों से खाली करवाया है। माना जा रहा है कि रंपा महल का उपयोग जिले में संचालित सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के बतौर किए जाने की तैयारी है।
तहसीलदार डॉ अतुल सेन सिंह ने बताया कि रंपा महल पर लंबे समय से लोगों ने अवैध कब्जा जमा रखा था। कब्जेदार मनोरमा के करीबी शकील ने पूरे महल के साथ नजूल की भूमि को भी अपने स्वामित्व में ले रखा था। नगर पालिका प्रशासन ने नजूल भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ 8 जनवरी को रंपा महल, रानी कोठी और लाल कपड़ा कोठी सहित नजूल भूमि पर बने समाजवादी पार्टी कार्यालय व कुछ अन्य संपत्तियों को खाली करने का नोटिस दिया था।
नोटिस के बाद रंपा महल के कब्जेदारों ने प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही कब्जा छोड़ने का निर्णय लिया। सोमवार को कब्जेदार मनोरमा ने तहसील प्रशासन को महल की चाभी सौंप दी। इसके बाद तहसीलदार सदर अतुल सेन सिंह ने राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर औपचारिक रूप से महल पर प्रशासन की तरफ से ताला लगाते हुए इस अपने कब्जे में लिया। इस दौरान पुलिस फोर्स भी मौजूद रहा।