रामकोट (सीतापुर)। इलाके के बरगदिया गांव के पूर्व प्रधान गोपीनाथ यादव (50) की लखनऊ में इलाज के दौरान सोमवार रात मौत हो गई। प्रधानी की रंजिश में उनको गत मार्च में घर जाते समय गोलियां मारी गई थीं। वह मौजूदा समय में एक अधिवक्ता के मुंशी भी थे। गत 10 मार्च की शाम वह कचहरी से घर लौट रहे थे, तभी रेलवे क्रासिंग के आगे जैतीखेड़ा गांव के प्रधान प्रतिनिधि सिमरन सिंह एवं उसके साथियों ने गोपीनाथ पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। उन्हें तीन गोलियां लगी थीं। हमलावर उनको मृत समझकर भाग निकले थे। मामले में पुलिस ने सात लोगों पर केस दर्ज करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। उधर, घायल गोपीनाथ को जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया था। वहां उनका इलाज चल रहा था। सोमवार रात उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद उनका शव घर लाया गया तो परिजनों में कोहराम मच गया।