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Sitapur News: जिले को मिलेगी 500 बेड के राजकीय मेडिकल कॉलेज की सौगात

Thu, 29 Jan 2026 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। जिले को जल्द ही एक पांच सौ बेड युक्त राजकीय मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलेगी। जिलाधिकारी डॉ राजा गणपति आर की पहल पर इसका प्रस्ताव मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सुरेश कुमार की तरफ से तैयार कर शासन को भेजा गया है। यह राजकीय मेडिकल कॉलेज सिविल लाइंस स्थित निर्माणाधीन जिला अस्पताल के लिए चिन्हित दस एकड़ जमीन पर ही बनेगा। हाईवे से होने वाली सीधी कनेक्टिविटी के कारण इसका सीधा फायदा सड़क हादसों में घायल होने वालों को भी मिलेगा।
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सीएमओ की तरफ से तैयार प्रस्ताव के तहत सिविल लाइंस स्थित निर्माणाधीन जिला अस्पताल की पांच एकड़ भूमि पर ही इसे विकसित करने की योजना है। इस नजूल भूमि को कब्जामुक्त कराकर जिला अस्पताल के नाम आरक्षित कराया गया था। वर्तमान में यहां करीब 107 करोड़ की लागत से 200 बेड का जिला अस्पताल और 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट निर्माणाधीन है। यहां चार ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू, बर्न वार्ड, इमरजेंसी, ओपीडी, सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी और एक्सरे जैसी जांच सुविधाएं भी स्थापित की जा रही हैं। इसे ही अपग्रेड कर राजकीय मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इस मेडिकल कॉलेज में ग्रीन बिल्डिंग मानकों के तहत, सौर ऊर्जा, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, और सीसीटीवी सर्विलांस की व्यवस्था भी होगी।
जिले में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं की काफी कमी है। सीतापुर से जुड़े लखनऊ और दिल्ली को जोड़ने वाले राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर दुर्घटनाएं भी बहुतायत में होती हैं। यहां करीब 30 ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं। जिले में स्थापित 22 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला पुरुष चिकित्सालय और जिला महिला चिकित्सालय पर अत्यधिक भार रहता है। ह्रदय रोग, मूत्र रोग, न्यूरोलॉजी और अन्य विशेषज्ञता से संबंधित बीमारियों के लिए मरीजों को लखनऊ रेफर करना पड़ता है। इस रेफरल प्रणाली के कारण इलाज में होने वाली देरी भी जानलेवा साबित होती है। बीते तीन सालों में एक लाख से अधिक मरीज रेफर किए जा सके। इसके तहत सीएचसी से 45,609, जिला पुरुष व महिला चिकित्सालय से 54 हजार से अधिक मरीज रेफर किए जा चुके हैं।
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ओपीडी में प्रतिदिन चार हजार से अधिक मरीजों का इलाज
जिले के 213 बेड युक्त जिला पुरुष चिकित्सालय में हर समय करीब तीन सौ से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। ओपीडी में हर दिन चार हजार से अधिक मरीज की आमद होती है। बेड की कमी के कारण एक बिस्तर पर दो मरीजों को लिटाकर इलाज किया जाता है। यहां बेड ऑक्यूपेंसी 130.35 प्रतिशत है। वही, जिला महिला चिकित्सालय में प्रतिदिन करीब 600 मरीज आते हैं। यहां औसतन हर दिन 50 प्रसव होते हैं। यहां बेड की ऑक्यूपेंसी दर करीब 100 प्रतिशत है।
हाईवे से सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंचेंगे ट्रामा मरीज
इस राजकीय मेडिकल कॉलेज को हाईवे से भी जोड़ने की योजना है। सिविल लाइंस स्थित यह मेडिकल कॉलेज सीतापुर शाहजहांपुर बाईपास मार्ग से सीधे जुड़ेगा। बीच में पड़ने वाली सरायन नदी पर पुल बनाकर कनेक्टिविटी दी जाएगी। इसका भी प्रस्ताव तैयार हो गया है। इसका मुख्य उद्देश्य मार्ग दुर्घटनाओं के गंभीर मरीजों को तत्काल उच्चस्तरीय चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
कोट्स

यह प्रस्ताव शासन की प्राथमिकताओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप है। यह स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इससे मरीजों को रेफर करने में 95 प्रतिशत कमी आएगी। अत्याधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञों और प्रशिक्षित चिकित्सकों की तैनाती से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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डॉ राजा गणपति आर, जिलाधिकारी सीतापुर
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