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Sitapur News: जिले को मिल सकती है मेडिकल कॉलेज की सौगात

Mon, 02 Jun 2025 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं जल्द और बेहतर होंगी। जिले को 500 बेड के मेडिकल कॉलेज की सौगात मिल सकती है। प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सामने मेडिकल कॉलेज का मुद्दा उठाया था। डिप्टी सीएम ने डीएम को मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। उम्मीद है कागजी कार्रवाई आगे बढ़ेगी तो मंजूरी मिल सकती है।
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शासन की मंशा के अनुरूप एक जिला एक मेडिकल कॉलेज का लक्ष्य जिले में पूरा होने की कवायद शुरू हो गई है। जिले की 60 लाख आबादी के हिसाब से इस समय शहर में एक जिला अस्पताल व एक महिला अस्पताल है। सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी होने की वजह से अधिकतर लोग जिला अस्पताल का रुख करते हैं। इस वजह से भार अधिक पड़ रहा है। हाल यह है जिला अस्पताल में 230 बेड पर 300 से अधिक मरीज भर्ती हैं। कभी-कभी एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती किए जाते हैं। इस बढ़ते बोझ को देखते हुए मेडिकल कॉलेज बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
शनिवार को दौरे पर आए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इसमें अस्पतालों के फुल होते बेड, चिकित्सकों की कमी उजागर हुई। प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने मेडिकल कॉलेज का मुद्दा उठाया था। डिप्टी सीएम ने कहा कि जिलाधिकारी मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजें। इस प्रस्ताव को हर हाल में मंजूर करवाया जाएगा। इससे उम्मीद जगी है सीतापुर के लोगों को भी मेडिकल कॉलेज की सौगात मिल सकती है।
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इस तरह से आएंगे 500 बेड
जिला अस्पताल की इस समय क्षमता 230 बेड की है। इसके अलावा सिविल लाइन में जिला अस्पताल का नया भवन बन रहा है। इस भवन की क्षमता 200 बेड की होगी। इसके अलावा पड़ोस में ही 50 बेड की किट्रिकल यूनिट बन रही है। इन सभी को मिलाकर करीब 500 बेड का मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। नए भवन में जमीन की पर्याप्त उपलब्धता है। हाईवे व शहर के अंदर से प्रवेश के दोनों रास्ते उपलब्ध है।

जिले में ये हैं सुविधाएं
जिले में इस समय 19 सीएचसी व 76 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनके जरिये ग्रामीण इलाके के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में जिला अस्पताल पर दबाव बढ़ता है। यहां पर भी चिकित्सकों की कमी मरीजों की जान पर भारी पड़ जाती है। अगर मेडिकल कॉलेज बन जाएगा तो काफी हद तक लोगों को जिले में इलाज मिलना शुरू हो जाएगा।

गंभीर बीमारियों का मिलेगा इलाज
मेडिकल कॉलेज बनने से हृदय रोग, कैंसर, त्वचा रोग सहित विभिन्न बीमारियों का इलाज बेहतर तरीके से हो सकेगा। इन बीमारियों का इलाज जिले स्तर पर संभव नहीं है। इससे लखनऊ की भागदौड़ में मरीजों का काफी अधिक पैसा खर्च होता है।

बेहतर होगी सेवाएं
प्रभारी मंत्री ने मेडिकल कॉलेज का मुद्दा उठाया था। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। इससे जिले की सेवाएं और बेहतर हो जाएंगी।
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डॉ. सुरेश कुमार, सीएमओ
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