संदना। बाघिन की तलाश में जुटी वन विभाग की टीम का कॉम्बिंग अभियान बुधवार को 42वें दिन भी बेनजीता रहा। दिन भर खेतों, बागों व सरायन नदी के कछार में खाक छानने के बाद भी बाघिन का कोई सुराग नहीं मिला। ताजा पगचिह्न भी नहीं मिलने से वन विभाग की सारी कवायद एक बार फिर लकीर पीटने तक सिमटी नजर आई।
वन विभाग की टीम ने बुधवार को गेंधरिया, बिजुआमऊ, एकडलापुरवा और रसुलवा के आसपास खेतों और जंगल क्षेत्रों में सघन कॉम्बिंग अभियान चलाया। टीम ने संभावित ठिकानों, खेतों, झाड़ियों और जंगल के रास्तों को खंगाला लेकिन बाघिन की मौजूदगी का कोई नया साक्ष्य नहीं मिला। मंगलवार को सरायन नदी के पास बाघिन के पगचिह्न मिलने से उम्मीद थी कि विभाग उसके मूवमेंट को ट्रैक कर सकेगा। लेकिन बुधवार की काॅम्बिंंग में नए निशान नहीं मिलने से बाधिन के ठिकाने को लेकर फिर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इससे एक बार फिर बाघिन की वर्तमान लोकेशन पता करने की चुनौती वन विभाग के सामने खड़ी हो गई है। उधर, ग्रामीणों में बाघिन की दहशत बरकरार है। किसान खेतों में जाने से बच रहे हैं। पशुओं के लिए चारा लाना भी मुश्किल है। मिश्रिख रेंजर सिकंदर सिंह ने बताया कि बुधवार को खेतों व जंगल क्षेत्रों में कॉम्बिंग की गई। कहीं भी बाघिन के ताजा पगचिह्न नहीं मिले हैं। टीम लगातार निगरानी और तलाश में जुटी हुई है।