हाल ही में प्रदेश सरकार के खिलाफ बगावती तेवर दिखा रहे मुस्लिम नेताओं के सुर बदल गए हैं। उनके तेवर ठंडे पड़ गए हैं और वे मुख्यमंत्री का गुणगान करने लगे हैं। नेताओं ने वर्तमान सरकार को लेकर होने वाला मुस्लिम सम्मेलन भी स्थगित कर दिया है। कारण कुछ भी हो, लेकिन आयोजकों का दावा है कि मुख्यमंत्री के अनुरोध पर सम्मेलन स्थगित किया गया है।
जिले के मुस्लिम नेताओं ने 2 मई को शहर के मुस्कान गेस्ट हाउस में मुस्लिम सम्मेलन आयोजित किया था। जिसका शीर्षक मुसलमानों की समस्यायें एवं वर्तमान सरकार रखा गया था। जिले भर में जगह जगह इस सम्मेलन को लेकर होर्डिंग व बैनर लगाए गए थे। जिसमें प्रदेश सरकार में मुस्लिमों की अनदेखी की बात दशाई गई थी। इस सम्मेलन को प्रदेश सरकार से बगावत रूप में देखा जा रहा था। अचानक ही आयोजन कर्ताओं के सुर बदल गए।
कारण कुछ भी हो, आयोजन कर्ता पूर्व मंत्री बुनियाद हुसैन अंसारी व पूर्व जिलाध्यक्ष सपा शमीम कौशर सिद्दीकी का दावा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अनुरोध पर सम्मेलन स्थगित किया है। जो प्रेस नोट दोनों मुस्लिम नेताओं की तरफ से जारी हुआ है, उसमें जिक्र किया गया है कि इस सम्मेलन के माध्यम से वे वर्तमान सरकार में मुसलमानों की समस्याओं को रखना चाहते थे।
इसी बीच मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि वे लखनऊ पहुंचकर अपनी समस्याएं उनके सामने रखें और सम्मेलन को स्थगित करें। मुख्यमंत्री ने समस्याओं के निराकरण का आश्वासन भी दिया है। नेताओं ने यह ही नहीं लिखा, बल्कि मुख्यमंत्री का गुणगान भी किया। प्रेस नोट में लिखा है कि वे जल्द ही अगला कार्यक्रम करेंगे और उसके मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे।
सच्चाई कुछ भी हो, कुछ दिन पहले जो जोर शोर से प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे थे, मुस्लिम समाज की दुर्दशा की बात कर रहे थे, उनके बोल अचानक बदल कैसे गए, यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है। कई मुस्लिमों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सम्मेलन भले ही स्थगित हो गया हो, लेकिन इन नेताओं ने अपनों के बीच विश्वास खो दिया है।
विधायक रामपाल माने जा रहे हैं प्रमुख वजह
मुस्लिम सम्मेलन के स्थगन को लेकर बिसवां विधायक रामपाल पर हुई कार्रवाई को प्रमुख वजह माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि बिसवां विधायक की सरपरस्ती में ही इस सम्मेलन का आयोजन किया गया था। अचानक प्रदेश सरकार के तेवर तल्ख हो गए। विधायक पर कार्रवाई हुई तो मुस्लिम सम्मेलन की तैयारियों की कमर ही टूट गई। कुछ का कहना है कि आयोजकों ने विधायक का हश्र देखने के बाद भयभीत होकर सम्मेलन स्थगित कर दिया है।