सरैया। संकटी चतुर्थी पर मंगलवार को महिलाओं ने अपने पुत्रों की लंबी आयु के साथ संतानों की सुख समृद्धि के लिए व्रत रखा। गोधूलि बेला में तो कहीं शाम को चंद्रमा निकलने के बाद माताओं ने भगवान गणेश का विधि-विधान के साथ पूजन करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया।
माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को महिलाएं अपने पुत्रों की दीर्घायु के लिए संकट चतुर्थी का व्रत रखती हैं। पुरोहिता के अनुसार इस व्रत के प्रभाव से संतान को रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति होती है तथा उनके जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को विघ्नहर्ता भगवान गणेश दूर कर देते हैं। इसी कामना के साथ महिलाओं ने दिन भर निर्जला व्रत रखते हुए शाम को संकट हरण भगवान गणेश की कथा सुनते हुए गणेश जी की आराधना की। पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया। (संवाद)