सीतापुर। दीपावली पर्व पर इस बार ज्यादातर लोग तेज आवाज वाले पटाखों से दूरी बनाते दिख रहे हैं। इसकी जगह लोग इको फ्रेंडली पटाखों के साथ आसमान व जमीन पर सतरंगी छटा बिखरने वाले पटाखों व आतिशबाजी को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। शहर के जीआईसी मैदान में सजे पटाखा बाजार में इस बार बच्चों के लिए कई वैरायटी के नए पटाखे भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। पटाखा व्यापारी पिछली बार की तुलना में इस बार अच्छी बिक्री की उम्मीद जता रहे हैं।
शहर के जीआईसी मैदान पर अस्थाई पटाखा बाजार तरह-तरह की आतिशबाजी के साथ सजकर तैयार हो गया हैं। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कई पटाखों की पैकिंग में संबंधित कंपनियों द्वारा क्यूआर कोड भी दिया गया है, ताकि ग्राहक खुद भी इस बात की पहचान कर सकें कि पटाखा इको फ्रेंडली है। इस बार बाजार में आसमानी फैंसी आइटम की भी भरमार हैं। ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे भी बाजार में इस बार कम मात्रा में व्यापारियों ने मंगवाए हैं। पटाखा व्यापारी अजीम अहमद ने कहा कि बच्चों के लिए बटर फ्लाई, 100 सेमी. फुलझड़ी, फैंसी अनार, रॉकेट और इको फ्रेंडली फुलझडियां भी लोगों को खूब पसंद आ रही हैं।
फैंसी पटाखों की डिमांड ज्यादा
शहर के पटाखा बाजार में फैंसी पटाखों की बहार है। इसमें भी आसमान में रंग बिरंगी रोशनी बिखेरने वाले पटाखों की मांग सबसे ज्यादा है। थोक कारोबारी इमरान ने बताया कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कई कंपनियों ने इस बार इक्रो फेंडली पटाखा ज्यादा मात्रा में बनाया हैं। इसके अलावा बिग शॉट, ब्रेक आउट, स्पिनर, कलर चेजिंग अनार, थ्री स्टार आदि भी पसंद किए जा रहे हैं। रंगीन रोशनी वाली फुलझड़ी की कीमत 200-300 रुपये प्रति पैकेट से ज्यादा है। इसके अलावा अनार, चकरी, रॉकेट और अन्य पटाखों के दाम भी पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ गए हैं। पटाखों की इस बार तमाम नई वैरायटी आई हैं। फैंसी पटाखे अब ज्यादा पसंद किए जाते हैं।