सीतापुर। जिले के पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद दरी को बढ़ावा देने एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए आयोजित दो दिवसीय क्रेता विक्रेता सम्मेलन की सफलता ने सभी को प्रभावित किया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने प्रदेश के सभी जिलों मे क्रेता विक्रेता सम्मेलन का माॅडल लागू कराने के संबंध में एक पत्र भी मुख्यमंत्री को लिखा है।
पत्र में आयोजन को स्थानीय उत्पाद की ब्रांडिंग के लिए बेहतर पहल बताते हुए इसे मॉडल के तौर पर अपनाने एवं प्रदेश के सभी जनपदों में ऐसे सम्मेलन कराए जाने के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है। सीतापुर शिक्षा संस्थान परिसर में विगत 24 एवं 25 अक्तूबर को प्रथम क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर की पहल पर हुए इस सम्मेलन में ओडीओपी योजना में चयनित दरी कारोबार के 35 स्टॉल ओडीओसी के 10 स्टॉल यहां लगे। जापान, जर्मनी, पनामा समेत नौ देशों के प्रतिनिधियों ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया। भारत के कई राज्यों से उद्यमी भी पहुंचे।
देश-विदेश के प्रतिनिधियों व कारोबारियों ने सीतापुर की हस्तनिर्मित दरी के उत्पादों में रुचि दिखाई। स्थानीय उद्यमियों का विदेशियों से सीधा संवाद हुआ है। इससे दरी कारोबार की हिस्सेदारी वैश्विक बाजार में बढ़ने की उम्मीद जगी है। बुनकरों की आमदनी बढ़ने की राह नजर आई है। इस सम्मेलन से स्थानीय उद्यमी और बुनकर खासा उत्साहित हैं। सम्मेलन के पहले दिन मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह पहुंचे। यहां से वापस लौटकर उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।