सीतापुर। जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया का प्रकोप बढ़ने लगा है। एक सप्ताह में मलेरिया के 10 मामले सामने आ चुके हैं। गर्मी और लू के कारण डायरिया के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। एलिया, लहरपुर व शहर में मलेरिया के मरीज मिले हैं।
मौसम में तपिश बढ़ने के साथ ही संक्रामक बीमारियों ने भी पांव पसारना शुरू कर दिए हैं। पीएचसी, सीएचसी और जिला अस्पताल में वायरल, पेट दर्द और डायरिया के मामले बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल में एक सप्ताह में मलेरिया के तीन मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि इलाज के बाद मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। यह मामले सहरोई, कालिकाबक्स व बसेती गांव में आए हैं।
यह वही गांव है जहां पिछले साल भी मलेरिया के कई मरीज मिले थे। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. इंदर सिंह का कहना है कि बुखार व पेट दर्द के अधिक मरीज आते है। संभावित तौर पर रोजाना 30-35 मरीजों की मलेरिया की जांच करवाई जाती है। अस्पताल में मलेरिया की जांच की सुविधा व दवा मौजूद है। सीएचसी एलिया में रोजाना एक से दो मरीज सामने आ रहे हैं।लहरपुर सीएचसी में भी मलेरिया का एक केस सामने आया है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद मित्रा ने बताया हरगांव का मरीज था। इलाज के बाद अब वह स्वस्थ है।
मलेरिया के लक्षण
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौरव मिश्रा बताते है कि मच्छर के काटने से मलेरिया होता है। बुखार और पसीना आना इसके लक्षण है। इसके अलावा ठंड लगना, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द, थकान, सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत और खांसी, दस्त, मतली और उल्टी भी लक्षण हैं।
यह करें बचाव
घर के आसपास गंदा पानी न जमा होने दें। कूलर का पानी रोजाना बदलते रहे। अगर कई दिनों तक बुखार आता है तो मलेरिया की जांच करवाएं। यह जांच सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। नियमित इलाज से यह दो सप्ताह में ठीक हो जाता है।
हो रही है निगरानी
जिले की सभी सीएचसी में मलेरिया की निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है। मलेरिया को लेकर जागरूकता अभियान चल रहा है। गांव-गांव टीमें जा रही है। साथ ही मच्छरों को मारने के लिए छिड़काव भी कराया जा रहा है।
डॉ. हरपाल सिंह, सीएमओ