सिधौली (सीतापुर)। सिधौली तहसील के एक गांव में एक किशोरी की संग्दिध हालात में मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप है कि उसकी मौत फाइलेरिया की दवा खाने से हुई है। गांव के कुछ अन्य लोगों का कहना है कि फाइलेरिया की दवा खाने से उनकी भी तबीयत खराब हुई। सीएचसी अधीक्षक के मुताबिक किशोरी पहले से बीमार थी। फाइलेरिया की दवा से इसका कोई संबंध नहीं है।
कोतवाली इलाके के गंधौली गांव में सोमवार को फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के साथ गांव की आशा बहू नीतू व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा का वितरण किया था। गांव वालों का आरोप है कि दवा खाने से कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी व चक्कर आने लगे। गांव निवासी रमेश की बेटी शालिनी (17) की तबियत बीती रात अचानक बिगड़ गई।
परिजन जब तक उसे अस्पताल ले जाते तब तक उसकी मौत हो गई। रमेश का आरोप है कि फाइलेरिया की दवा खाने से बेटी की मौत हुई। वहीं, गांव की उर्मिला, संतोषी की तबियत बिगड़ने पर उन्हें सीएचसी में भर्ती करवाया गया। गांव की ही प्रीति मौर्या, तोता राम, अंजली, महेश, पिंकी, रामेश्वरी की भी तबीयत खराब है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि किशोरी पहले से बीमार थी। फाइलेरिया की दवा से इसका कोई संबंध नहीं है। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी।