जिले में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को डेंगू की चपेट में आने से एक अध्यापिका की मौत हो गई, जबकि 12 लोग बीमार पड़े हैं। अब डेंगू की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या 218 से बढ़कर 230 हो गई है। डेंगू से अब 21 लोगों की मौत हो चुकी है।
महोली के चौंवा बेगमपुर निवासी शैलेंद्र की पत्नी वंदना देवी (32) संदना प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका थी। उसे एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिवार ने प्राइवेट अस्पताल में दिखाया, जहां पर डॉक्टरों ने ब्लड जांच देखने के बाद डेंगू होने की पुष्टि की और वंदना देवी को लखनऊ रेफर कर दिया।
परिवार के सदस्यों ने उन्हें लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। वहां वंदना देवी ने दम तोड़ दिया। मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के ग्राम औरंगाबाद निवासी दाउद अहमद (19) व शमीम कुरैशी (32) को बीते एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।
परिवार के सदस्यों ने दोनों को भी प्राइवेट अस्पताल में दिखाया। वहां डॉक्टर ने बताया कि दोनों को डेंगू हुआ है। दोनों मरीजों को लखनऊ के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तालगांव थाना क्षेत्र के ग्राम कैमहरा निवासी राजेश कुमार (55) भी एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित है। परिवार ने उसको प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने उसे डेंगू से पीड़ित बताया और जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हेमपुरवा निवासी श्यामकुमार का पुत्र आशीष कुमार (7) भी डेंगू की चपेट में आ गया है। महोली के मनिकापुर निवासी राम सनेही (65) भी डेंगू की चपेट में है।
मिश्रिख के हुमायूपुर निवासी विश्रू कुमार की पुत्री सुनैना देवी, रेउसा के मितानपुरवा निवासी बैजनाथ, शास्त्री नगर निवासी वेद प्रकाश सिंह, शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौधरी टोला निवासी मोहम्मद शीबा, लखीमपुर खीरी के ग्राम मऊ दाउदपुर निवासी हरिशंकर श्रीवास्तव, हरगांव के जलालीपुर निवासी इश्तिखार अहमद, बिसवां के मोहल्ला जोशी टोला निवासी संगम लाल का पुत्र शिवांश डेंगू की चपेट में आए हैं।