सीतापुर। जिले में टीबी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। महज 13 दिन में जांच में 285 मरीज सामने आए हैं। अब इन मरीजों को छह माह की विशेष निगरानी में रखकर इलाज किया जाएगा। जिले में पहले से ही 14,930 पंजीकरण मरीज इलाज करवा रहे हैं।
जिला क्षय रोग विभाग की तरफ से सात दिसंबर से 100 दिन का विशेष क्षय रोगी चिह्निंत अभियान शुरू किया गया है। अभियान को शुरू हुए महज 13 दिन ही बीते हैं। इस दौरान जांच में 285 मरीजों में टीबी होने की पुष्टि हुई है।
इन मरीजों को टीबी पोर्टल पर पंजीकृत करके छह माह का उपचार शुरू करवा दिया गया है। इन्हें प्रतिमाह पांच सौ रुपये पोषण के रूप में मिलेंगे। जिले में अब टीबी मरीजों की संख्या बढ़कर 15,215 हो गई हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मनोज देशमणि ने बताया कि अभियान लगातार चल रहा है। चिह्नित मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
फेफड़े होते हैं प्रभावित
टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस बैक्टीरिया के कारण होती है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। लेकिन यह शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसके संक्रमण का प्रसार खांसने या छींकने के माध्यम से होता है।
बीमारी के ये हैं लक्षण
लगातार खांसी, सूखी खांसी जो बाद में बलगम या रक्त के साथ हो सकती है। हल्का से लेकर उच्च बुखार आना। खासकर रात में पसीना आना। वजन में कमी, बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन में कमी आना। थकान और कमजोरी लगना। थकावट का अहसास होना। सांस लेने में कठिनाई खांसी के कारण सांस लेने में परेशानी होना।
समय पर करवाएं इलाज
टीबी एक जानलेवा बीमारी है लेकिन सही समय पर उपचार से इसे ठीक किया जा सकता है। हम सभी टीबी के प्रति सजग रहकर इसे खत्म करने का प्रयास करें। डॉ तनय मिश्रा, मेडिकल ऑफिसर, जिला क्षय रोग विभाग सीतापुर
20जेएनडी33: निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से बातचीत करते हुए मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा। स्रोत प्र