सफाई कर्मियों की मांगें पूरी न होने से आमरण पर बैठे सफाई कर्मचारी सोमवार को सड़कों पर उतरे और झाडू-पंजे के साथ शहर में जुलूस निकला और लालबाग चौराहे पर एकत्रित आंदोलनकारियों ने जाम लगा दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी भी।
सभा में उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के नेताओं ने प्रशासन पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। कहा कि पालिका में काफी समय से मांगें लंबित हैं। बावजूद इसके इनके निस्तारण में अफसर दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। मालूम हो कि मृतक आश्रित के रिक्त पदों पर नियुक्तियों समेत अन्य मांगों को लेकर पालिका के सफाई कर्मचारी आंदोलनरत है।
इन कर्मचारियों ने पहले अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया।तकरीबन एक पखवारे पर धरना प्रदर्शन के बाद भी जिम्मेदार तनिक भी टस से मस न हुए। ऐसे में उत्तर प्रदेशीय सर्फाई मजदूर संघ ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन को आमरण अनशन तब्दील करने का फैसला लिया।
सोमवार को भी पालिका कैंपस में उनका आमरण अनशन जारी रहा। इस दिन सुबह सफाई कर्मचारी पालिका कैंपस में एकत्र हुए और वहां पर संगठन ने सभा की। सभा में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एनआर बाल्मीकि ने कहा कि वे सर्फाई कर्मचारियों को न्याय दिलाकर ही रहेंगे।
इसके लिए प्रदेश के पदाधिकारी 27 जनवरी को प्रमुख सचिव नगर विकास एसपी सिंह का घेराव करेंगे। वहां पर समस्याओं की निदान की मांग करेंगे और निदान करएंगे। प्रदेश महामंत्री मुकेश अग्रवाल ने कहा कि म्युनिसपल एक्ट 1916 की धारा 35/36 के अंर्तगत पालिका के अध्यक्ष के अधिकार छीनते हुए जिला प्रशासन सफाई कर्मचारियों की मांग स्वीकार करे और शासन को भेेजे।
अनशन को मनोज पावन, प्यारेलाल, बराती लाल, जहीर असलम, मोहन आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर विनोद विकट, राजकुमार, अजय, अब्दुल हफीज आदि मौजूद थे। उधर, आमरण अनशन पर बैठे तीन सफाई कर्मचारियों की हालत बिगड़ी गई, इस पर उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों द्वारा इलाज किया जा रहा है।