भाजपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि मोदी सरकार की ओर से 500 और 1000 के नोटबंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी बसपा प्रमुख मायावती को हो रही है। अपने प्रत्याशियों से वसूले गए 1200 करोड़ रुपये खपाने के लिए वह बौखलाहट में हैं।
बसपा प्रमुख व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ यह फैसला आर्थिक आपातकाल जैसा है। वह राजा कॉलेज मैदान में आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में बोल रहे थे। पूर्व बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि नोट बंद करने से आतंकवाद व भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और स्वच्छ राजनीति का उदय होगा।
उन्होंने कहा कि सपा शासन में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कानून-व्यवस्था ध्वस्त है। उन्होंने कहा कि सपा शासन में सीतापुर के यादव समाज का विकास नहीं हुआ है। मुलायम व अखिलेश के लिए मैनपुरी, इटावा, एटा की यादव बिरादरी ही मायने रखती है।
उन्होंने कहा कि मुलायम की अगुवाई में गायत्री प्रजापति जैसे मंत्री प्रदेश में लूट मचाए हैं। भाजपा नेता ने कहा कि सपा, बसपा व कांग्रेस ने पिछड़ों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। सिर्फ भाजपा ने ही पिछड़ों को सम्मान दिया है।
सम्मेलन में सांसद राजेश वर्मा, जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता, जिला प्रभारी मानसिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञान तिवारी, राकेश त्रिपाठी, पूर्व मंत्री रामकृष्ण, पूर्व एमएलसी रामचंद्र प्रधान, राकेश सिंह, उपाध्यक्ष रामेंद्र शुक्ल, राहुल जायसवाल, नगर अध्यक्ष गोविंद भारती, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय भार्गव समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।