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मुंह मीठा करने को नहीं मिलेगी सस्ती चीनी

Sun, 26 Mar 2017 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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चीनी खरीदने के मामले में लोगों को बाजार पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। सरकार के इस नए निर्णय से जिले में 8,29,617 कार्ड धारक प्रभावित होंगे। लोगों को अप्रैल माह से करीब 30 रुपये प्रति किलो के हिसाब से अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
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जिले में करीब 45 लाख की आबादी पर 1444400 कार्ड धारक हैं। इनमें 112071 परिवारों को अंत्योदय कार्ड, 717570 पात्र गृहस्थी कार्ड व 614759 परिवारों के पास एपीएल के कार्ड मौजूद है। अभी 1,12,071 अंत्योदय कार्ड धारकों व 7,15,549 पात्र गृहस्थी के कार्डों पर रियायती दर पर चीनी उपलब्ध कराई जा रही थी। जिले में कुल 8,29,617 कार्ड धारकों को सस्ती दर पर चीनी दी जा रही थी।

इनमें अंत्योदय कार्ड धारकों को दो किलो प्रति कार्ड व पात्र गृहस्थी को 865 ग्राम प्रति कार्ड के हिसाब से चीनी दी जा रही थी। सरकार द्वारा सब्सिडी दिए जाने से यह चीनी कार्ड धारकों को 13 रुपये 50 पैसे प्रति किलो की दर से दी जाती थी। अप्रैल माह से शासन ने पात्र गृहस्थी व अन्त्योदय परिवारों को मिलने वाली चीनी पर सब्सिडी देना बंद कर दिया है। इसके चलते मिलों से निकासी व विपणन गोदामों में भंडारण की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।
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अप्रैल माह के लिए उचित दर विक्रेताओं को महज चावल, गेहूं और केरोसिन का अग्रिम पैसा रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट प्रक्रिया से जमा करना होगा। इस बाबत जिला पूर्ति अधिकारी ने पूर्ति निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी दुकानदार स्टॉक बोर्ड पर चीनी की उपलब्धता शून्य दर्शाते हुए अन्य योजनाओं के अनाज भंडारण का ब्यौरा प्रदर्शित करें। सरकार के इस फैसले से अप्रैल माह से पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारकों को चीनी मिलना बंद हो जाएगा।

अब इन कार्ड धारकों को चीनी के मामले में बाजार पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। बाजार में 42 से 43 रुपये प्रति किलो के हिसाब से चीनी बिक रही है। जिससे कार्ड धारकों को प्रति किलो 30 रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा।
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