बीएसए ने किया कस्तूरबा का निरीक्षण, दर्ज हुए बयान।
सीतापुर। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय रेउसा में छात्राओं के बार-बार बीमार होने का मामला सामने आया है। छात्राओं को तेज खांसी और सांस फूलने की शिकायत हो रही है। रविवार को दो छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद देर रात स्वास्थ्य विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग और तहसील प्रशासन की टीम ने विद्यालय पहुंचकर जांच की। छात्राओं के बार-बार बीमार होने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
रविवार को कक्षा आठ की छात्रा अनम और नाजरीन की तबीयत बिगड़ गई। दोनों को पहले सीएचसी रेउसा ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोनों को खांसी और सांस फूलने की शिकायत थी। जिलाधिकारी को जानकारी मिलने के बाद बीएसए, सीएचसी अधीक्षक और नायब तहसीलदार को विद्यालय भेजा गया। अधिकारियों ने देर रात विद्यालय पहुंचकर छात्राओं और व्यवस्थाओं की जांच की। इस दौरान अन्य छात्राएं स्वस्थ मिलीं।
इससे पहले 10 अगस्त को भी दो छात्राओं निशा और मधु की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया था। दिसंबर 2025 में भी 14 छात्राएं एक साथ बीमार हुई थीं। उस समय भी छात्राओं को खांसी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत थी। इस तरह एक वर्ष के भीतर तीन बार छात्राओं में समान लक्षण सामने आ चुके हैं।
वार्डेन ज्योति ने बताया कि ठंडा पानी पीने से खांसी की संभावना को देखते हुए करीब दो माह पहले ही वाटर कूलर बंद करा दिया गया था। छात्राओं को आरओ का पानी दिया जा रहा है। इसके बावजूद बार-बार छात्राओं के बीमार होने का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि विद्यालय में सामान्य माहौल है। छात्राओं को खांसी की समस्या थी, उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जांच की है, लेकिन छात्राओं के बार-बार बीमार होने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।