सीतापुर। तेज पछुवा हवा ने किसानों की चिता बढ़ा दी है। तेज हवा से गेहूं, सरसों व गन्ना की फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। धूल भरी तेज हवा से राहगीर भी दिन भर परेशान रहे। मौसम विशेषज्ञ 15 फरवरी तक इसी तरह तेज हवा चलने की संभावना जता रहे हैं। सर्द हवा चलने से पारे में भी गिरावट दर्ज की गई।
फरवरी के दूसरे सप्ताह में चटख धूप निकलने से दिन में गर्मी का अहसास होने लगा था। अधिकतम तापमान उछलकर 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। रविवार सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज पछुवा हवा चलने से अधिकतम पारा लुढ़ककर 25 डिग्री पर पहुंच गया। दिन भर चली तेज हवा से आम जनजीवन प्रभावित रहा। फसलों के नुकसान की आशंका ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी।
सोमवार को भी तेज पछुवा हवा चलती रही। दिन में 28 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवा ने लोगों को एक बार फिर सर्दी का अहसास करा दिया। धूल भरी तेज हवा से राहगीरों को भी दिक्कतें उठानी पड़ी। उधर, गेंहू, गन्ना व सरसों की फसल के लिए तेज हवा मुसीबत बन गई। सबसे अधिक नुकसान सरसों की फसल को है।
तेज हवा से सरसों की फसल में फूल गिर रहे हैं। इसके अलावा जिन किसानों ने हाल में ही फसल में पानी लगाया था नमी की वजह से तेज हवा चलने पर उनकी फसल गिरने का खतरा पैदा हो गया है। पछुवा हवा चलने से खेत में नमी भी खत्म हो जाएगी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को भी तेज हवा चलती रहेगी।
अभी सिंचाई न करें किसान
सरसों की फसल को तेज हवा से अधिक नुकसान है। सरसों का फूल तेज हवा से गिर रहा है। जब तक तेज हवा चल रही है, तब तक किसान फसल की सिंचाई न करें। खेत में नमी होने से फसल गिरने का खतरा है।
- डॉ. वीके सिंह, कृषि वैज्ञानिक