जिले भर के बैंक कर्मी मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। इनके हड़ताल पर रहने से राष्ट्रीयकृत बैंकों की सभी शाखाओं में ताले लटके रहे। इससे बैंकिंग कारोबार प्रभावित रहा। एक दिनी हड़ताल से समूचे जिले में करीब ढाई अरब का लेनदेन प्रभावित हुआ। बैंकों में तालाबंदी का असर यहां के कारोबार पर भी पड़ा है। ऐसे में बैंक उपभोक्ताओं को दिक्कतें उठानी पड़ीं।
बताते चलें कि बैंकों में कामगार, अधिकारी निदेशकों की नियुक्ति, वेतन पुनरीक्षण, सरकार द्वारा बैंकों में नोटबंदी के दौरान किए गए व्यय की प्रतिपूर्ति करने व बैंकों में पूर्व में जारी पेंशन योजना को लागू करने समेत कई मांगों को लेकर यूूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 28 फरवरी को देश व्यापी हड़ताल का ऐलान किया था।
संगठन के आह्वान पर जिले भर के राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी रोजाना तरह से मंगलवार को बैंक कार्यालय पहुंचे मगर किसी भी बैंकों के ताले नहीं खुले। हड़ताल में एसबीआई, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक समेत 28 बैंक शामिल रहीं।
जिस कारण बैंक उपभोक्ताओं समेत व्यापारियों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं। दोपहर होते-होते बैंकों के एटीएम भी खाली हो गए। ऐसे में जरूरतमंद बैंक ग्राहक इधर-उधर भटकते नजर आए। यही नहीं हड़ताल से व्यापार पर भी असर दिखा। विभागीय जानकारों की मानें तो राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से जिले भर में तकरीबन ढाई अरब का बैंकिंग कारोबार प्रभावित रहा।