इस कार्यक्रम के बाद डीआईजी ने जिले के मातहत पुलिस अफसरों व थाना कोतवाली प्रभारियों संग अपराध समीक्षा बैठक की और चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चा की। समीक्षा बैठक में डीआईजी ने थानाध्यक्षो/प्रभारी निरीक्षकों को निर्देशित करते हुए कहा कि संवेदनशील गांवों का भ्रमण कर वहां बैठक की जाए।
चुनाव में गड़बड़ी करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ 107/116 में प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि गोकशी पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया जाये, यातायात माह में बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी कर उनका सत्यापन किया जाये। वांछितों को अभियान चलाकर गिरफ्तार किया जाए।
रात्रि मे चोरी व लूट जैसे अपराधों की घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस गश्त तेज करने व घटना की सूचना मिलने पर तुरंत कार्यवाही के निर्देश दिए एवं विवेचनाओं के निस्तारण एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी करने को कहा। रामकोट थाने पहुंचे डीआईजी ने वहां लेआउट देखकर एसओ केबी सिंह की तारीफ की।
इस दौरान भंवर सिंह ने रामकोट थाने के क्षेत्रफल की स्थिति बताते हुए उसको दुरुस्त करने की मांग रखी गई। इस पर डीआईजी ने कप्तान से कार्रवाई के लिए कहा। इस दौरान एसपी कवींद्र प्रताप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुभाष चन्द्र गंगवार व अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी जेपी सिंह आदि मौजूद रहे।