जिले में सोमवार देर रात आए तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आंधी से जिले के कई इलाकों में पेड़ व बिजली के पोल धराशाई हो गए। होर्डिंग व ग्रामीण क्षेत्रों में छप्पर उड़ गए। विद्युत लाइन डैमेज होने से जिले भर की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
हालांकि आंधी के साथ हुई बारिश और कई इलाकों में ओले गिरने से मौसम में नरमी आई और भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को कुछ राहत मिली। शहर की आपूर्ति तो देर रात में ही बहाल कर दी गई, लेकिन ग्रामीण अंचलों में मंगलवार दोपहर बाद ही आपूर्ति बहाल की जा सकी है। खेतों से गेहूं कटने के कारण अधिक नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन आम की फसल को क्षति हुई है।
पिछले कई दिनों से हो रही भीषण गर्मी के बाद सोमवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने मौसम सुहाना कर दिया। शहर व आसपास के इलाकों में ओले भी गिरे हैं। आंधी में होर्डिंग व छप्पर उड़ गए।
बिजली लाइनों पर पेड गिरने और पोल धराशाई होने से कमलापुर, सकरन, पिसावां, सिधौली, अटरिया, रेउसा, महोली, महराजनगर आदि जगहों पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रात में ठप हुई आपूर्ति मंगलवार दोपहर बाद ही बहाल हो सकी।
कई जगहों पर देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी थी। वहीं बारिश व ओले गिरने से मौसम में नरमी महसूस की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री रहा, लेकिन उमस ने परेशान किया। आंधी में आम की फसल को भारी क्षति पहुंची है।