उत्तर प्रदेश के सीतापुर में शुक्रवार को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने आठ वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
युवक ने 14 अक्टूबर 2024 को वारदात को अंजाम दिया था। 24 दिन के अंदर कोर्ट ने फैसला सुना दिया। बीएनएस के तहत आजीवन कारावास के तहत सुनाई जान वाली यह पहली आजीवन कारावास की सजा है। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 14 पॉक्सो एक्ट में चल रही थी।
पीड़िता के पिता ने केस दर्ज कराया था
पिसावां के गांव निरहन निवासी विशाल कश्यप पर आरोप था कि उसने 14 अक्तूबर 2024 को एक बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। मामले में पीड़िता के पिता ने थाने पहुंचकर केस दर्ज कराया था।
उन्होंने बताया था कि विशाल बालिका को मेला दिखाने का झांसा देकर ले गया था। जब बालिका काफी देर तक वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। पीड़िता के पिता व अन्य रिश्तेदारों ने एक विद्यालय के पीछे विशाल को बालिका के साथ दुष्कर्म करते देख लिया था।
40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
बालिका खून से लथपथ थी। केस बीएनएस की धाराओं में दर्ज किया गया। मामले की सुनवाई न्यायाधीश भागीरथ वर्मा कर रहे थे। दोषी पाए जाने पर उन्होंने विशाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।