सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेउसा के मुआयने में बीडीओ को तमाम खामियां मिलीं। यहां पर उन्हें पूरा स्टाफ नदारद मिला। बेड से चादरें भी गायब थीं। भर्ती मरीजों को नाश्ता व खाने की खुराक भी नहीं मिल रही थी।
यही नहीं दवाओं को देने में भी आनाकानी की जा रही थी। इस पर खंड विकास अधिकारी ने इस संबंध में जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट भेज दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खंड विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह दोपहर को अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने इमरजेंसी सेवा को देखा। जहां पर चिकित्सक नदारद मिले। इसके बाद अस्पताल के वार्ड देखे। वार्ड में बेडों से चादर गायब थीं, कुछ बेडों पर जो चादर थीं, वे गायब थीं।
अस्पताल में भर्ती सहनुमा निशां, राजकुमारी, आशा देवी, कांती देवी, नसीमुन, रिंकी सिंह आदि ने बताया कि अस्पताल में नाश्ता व भोजन नही मिल रहा है। दवाओं को देने में भी आनाकानी की जा रही है। इलाज के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है।
वहीं अस्पताल के उपस्थिति रजिस्टर पर चिकित्सकों के हस्ताक्षर थे, लेकिन वे नदारद थे। कुल मिलाकर निरीक्षण में स्वास्थ्य केंद्र का हाल बेहाल मिला। खंड विकास अधिकारी ने निरीक्षण रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है।